वो नहीं पढऩा चाहती थी उस स्कूल में, यूं रच डाली किडनैप की धांसू कहानी

raktim tiwari

Publish: Jul, 14 2018 10:40:00 AM (IST)

Ajmer, Rajasthan, India
वो नहीं पढऩा चाहती थी उस स्कूल में, यूं रच डाली किडनैप की धांसू कहानी

अपहर्ता युवक उसे बेहोश करके मोटरसाइकिल पर बैठाकर तेजाजी के स्थान पर ले गए तथा बाद में छोड़ दिया।

पुष्कर

निकटवर्ती भगवानपुरा के विद्यालय में अध्ययनरत एक स्कूली छात्रा ने अपने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ के पुष्कर व पीसांगन थाना पुलिस की छह घंटे तक परेड करवा दी। पुलिस ने छात्रा के परिजन व स्कूल प्रबंधन की मौजूदगी में उसका मेडिकल परीक्षण कराया तथा गहन जांच की तब जाकर पता चला कि छात्रा ने स्कूल में नहीं पढऩे को लेकर अपने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी।

पुलिस के अनुसार तेरह वर्षीय छात्रा भगवापुरा विद्यालय से निकली तथा कपड़े पर लगाने का गोटा खरीदकर बस में पुष्कर के लिए सवार हुई। कंडक्टर ने किराया मांगा तो उसने टिकट के पैसे नहीं होने की बात कही। इस पर कंडक्टर ने उसे गनाहेड़ा के पास उतार दिया। नीचे उतरते ही वह रो पड़ी जिसे देख वहां से गुजर रही कुछ महिलाओं ने मदद करके उसे बताए स्थान पर पहुंचा दिया।

बिलखती हुई छात्रा ने घर पहुंचकर परिजन को बताया कि स्कार्फ बांधे मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उसे अगवा कर छेड़छोड़ की। छात्रा के अनुसार अपहर्ता युवक उसे बेहोश करके मोटरसाइकिल पर बैठाकर तेजाजी के स्थान पर ले गए तथा बाद में छोड़ दिया। मामला गंभीर होने से विद्यालय प्रशासन, परिजन व पुलिस सकते में आ गई।

पुलिस ने छात्रा के परिजन, स्कूल प्रबंधन को साथ लेकर छात्रा का मेडिकल कराया तो परिणाम सामान्य आया। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच की तो पूरा वाकया ही मनगढ़ंत साबित हुआ। इस बीच करीब छह घंटे तक पुष्कर व पीसांगन थाना पुलिस की खासी परेड हो गई।

2018 की आरएएस परीक्षा पर छाई जबरदस्त धुंध

राजस्थान लोकसेवा आयोग में फुल कमीशन की बैठक हुई। इसमें की आरएएस एवं अधीनस्थ भर्ती की पिछली परीक्षाओं और कोर्ट केस पर चर्चा हुई। पांच अगस्त को प्रस्तावित आरएएस-2018 प्रारंभिक परीक्षा पर कमीशन ने कोई फैसला नहीं लिया। परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बरकार है।

फुल कमीशन की बैठक में आरएएस एवं अधीनस्थ भर्ती परीक्षा-2013 और 2016 पर विचार-विमर्श हुआ। खासतौर पर आरएएस-2016 मुख्य परीक्षा का मामला खास रहा। इस बारे में आयोग सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करने का फैसला कर चुका है। साल 2013 की आरएएस परीक्षा तो सर्वाधिक सिरदर्द रही थी। चार साल पहले पकड़े गए एक गिरोह ने इस परीक्षा का पर्चा लीक करने का खुलासा भी किया था। इस परीक्षा पर कई कोर्ट केस भी हुए थे।

अब महज 23 दिन शेष
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि फुल कमीशन की बैठक में आरएएस प्रारंभिक परीक्षा -2018 पर चर्चा नहीं हुई। परीक्षा आयोजन में अब महज 23 दिन बचे हैं। प्रिंटिंग प्रेस से पेपर छपाई, उनकी बाइंडिंग और परीक्षा केंद्रों तक उन्हें पहुंचाना मुश्किल है। मालूम हो कि पेपर प्रिंटिंग और अन्य कार्य बेहद गोपनीय होते हैं। स्थायी अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष ही यह प्रक्रिया अंजाम देते रहे हैं।

परीक्षा होगी या नहीं!

आयोग स्तर पर 5 अगस्त कोआरएएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 कराई जानी है। इसके लिए करीब 5.10 लाख आवेदन मिले हैं। परीक्षा के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर. एस. गर्ग के बाद आयोग में 2 मई से स्थायी अध्यक्ष नहीं है। सरकार ने न स्थायी अध्यक्ष न किसी सदस्य को कार्यवाहक प्रभार दिया है। ऐसे में आरएएस प्रारंभिक जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा कराना आसान नहीं है।

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