Good Innovation: सर क्लास में नहीं हुई है सफाई...प्लीज भेजें कर्मचारी

इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राचार्य और विद्यार्थियों का ग्रुप । शिक्षण और कामकाज का फीडबैक देने में सहूलियत।

By: raktim tiwari

Published: 13 Nov 2020, 10:08 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सर क्लास में सफाई नहीं हुई है...प्लीज कर्मचारी भेजें....। हमें एक्सट्रा पढऩा है प्लीज टीचर को बोलें....। कुछ इस तरह के फीडबैक के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ल्या में ग्रुप बनाया गया है। इसमें शैक्षिक विकास, शोध और नवाचार सुझाव-सुधार के लिए मैसेज दिए जा सकते हैं। सभी ब्रांच-विषयों के 54 विद्यार्थियों को जोड़ा गया है।
इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट्स एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एन्ड टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइंस एवं ह्मूमेनिटीज सहित एमसीए और एमबीए कोर्स संचालित हैं। इनमें 2 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते ऑफलाइन कक्षाएं नहीं हो रही हैं। लेकिन कॉलेज ने एक नवाचार किया है।

ताकि सीखें मैनेजमेंट स्किल
प्राचार्य उमाशंकर मोदानी ने विद्यार्थियों से फीडबैक लेने और उन्हें मैनेमेंट स्किल सिखाने के लिए नई शुरुआत की है। उन्होंने प्रत्येक ब्रांच-विषय से दो-दो विद्यार्थियों का चयन किया है। इन 54 विद्यार्थियों को वॉट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया है। इसमें विद्यार्थी और प्राचार्य मोबाइल से सीधे ऑनलाइन संवाद कर सकते हैं।

चाहे समस्याएं बताएं या आइडिया....
ग्रुप में जुड़े छात्र-छात्राएं नियमित कक्षाएं, प्रायोगिक कार्य, सफाई, लाइब्रेरी में किताबें, व्यक्तिगत अथवा सार्वजनिक समस्या, रैगिंग, बसों में आने-जाने में परेशानी, शोध समेत कॉलेज से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए स्वतंत्र हैं। इन्हें क्लास कॉर्डिनेटर का नाम दिया गया है।

विद्यार्थी फिलहाल कैंपस से दूर
प्राचार्य और विद्यार्थी (कॉर्डिनेटर)वॉट्सएप ग्रुप में हर वक्त ऑनलाइन रहते हैं। कॉर्डिनेटर से समस्याओं-सुझावों पर बातचीत के लिए प्राचार्य के दफ्तर में मीटिंग की व्यवस्था भी है। कोरोना संक्रमण के कारण फिलहाल विद्यार्थी कैंपस से दूर हैं। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद ग्रुप व्यवस्थित कार्य शुरू करेगा।


पहले यूं चर्चित रहा है कॉलेज
-शैक्षिक और कार्मिकों की मनमानी नियुक्तियां
-बगैर अप्रूवल सामग्री की खरीद-फरोख्त
-आरटीयू परीक्षाओं में बगैर जांचे कॉपी भेजना
- शिक्षक द्वारा छात्राओं को आपत्तिजनक मैसेज
-बसों का संचालन नहीं करना
-विद्यार्थियों को बीमा पॉलिसी कराने के लिए मजबूर करना


सोशल मीडिया पर 54 छात्र-छात्राओं का ग्रुप बनाया है। कॉलेज से जुड़ी कोई भी समस्या, सफाई, नवाचार पर यह विद्यार्थी सुझाव-शिकायत दे सकते हैं। इनका त्वरित समाधान किया जा रहा है। यह मैनेजमेंट स्किल सिखाने का जरिया भी है। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने पर ग्रुप बेहतर कामकाज कर सकेगा।
डॉ. उमाशंकर मोदानी, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ल्या

raktim tiwari Reporting
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