Good news: ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे तीन कॉलेज, टीचर्स को मिलेगा फायदा

अजमेर, बीकानेर और कोटा के राजकीय कॉलेज को ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होनें कोविड-19 के दौरान कार्यक्रमों की उपयोगिता एवं उपादेयता पर प्रकाश डाला।

By: raktim tiwari

Published: 12 Jan 2021, 09:04 AM IST

रक्तिम तिवारी/ अजमेर.

राज्य के कॉलेज को शोध और शिक्षण के साथ प्रशिक्षण केन्द्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। यह बात कॉलेज शिक्षा आयुक्त संदेश नायक ने केमिस्ट्री के शिक्षकों के लिए एसपीसी-जीसीए में शुरु हुई इनीशिएटिव फॉर टीचिंग एक्सीलेंस इन केमेस्ट्री संबंधित ऑन लाइन ज्ञान गंगा कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि कॉलेज में शिक्षकों के लिए ओरिएन्टेशन, रिफे्रशर और फेकल्टी डवलपमेन्ट प्रोग्राम केवल विश्वविद्यालयों तथा आई.आई.टी. सेन्टर में होते थे। अब अजमेर, बीकानेर और कोटा के राजकीय कॉलेज को ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होनें कोविड-19 के दौरान कार्यक्रमों की उपयोगिता एवं उपादेयता पर प्रकाश डाला।

प्राचार्य डॉ. दीपक मेहरा ने ज्ञान गंगा कार्यक्रम की मूल भावना, अद्यतन ज्ञान संवद्र्धन, कक्षा अध्यापन कौशल एवं नवाचार परक षिक्षण के बारे में बताया। नवाचार और कौशल विकास केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. विनोद भारद्वाज ने विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया। सहायक निदेशक डॉ. सुनीता पचौरी ने शोध को बढ़ावा देकर विद्यार्थी केन्द्रित शिक्षण की बात कही।

संयोजक डॉ. वी.उमा ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। विभागाध्यक्ष एवं समन्यक डॉ. आर.के.उपाध्याय ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरूण पारीक तथा डॉ. आलोक चतुर्वेदी ने किया। तकनीकी सत्र में डॉ. नरेन्द्र भोजक ने ऑगमेन्टेड एवं वर्चुअल रिअलिटी,. डॉ. सी.पी. पोखरना नेस्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीक से योगिकों की पहचान एवं उनके विश्लेषण, आई.आई.टी. मुंबई की डॉ. स्नेहलता कलिअप्पन तथा डॉ. शैलेन्द्र सिंह राठौड़ ने आई.सी.टी. टूल का उपयोग बताया।

raktim tiwari Reporting
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