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GST : यहाँ बच्चों के मनोरंजन पर भी जीएसटी – किराया अधिक होने से टॉय ट्रेन बच्चों से है दूर

सुभाष उद्यान : दस साल से अधिक उम्र के बच्चों से लिए जाते हैं 50 रुपए, ट्रेन से जयपुर जाने का किराया करीब 30 रुपए
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अजमेर

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Preeti Bhatt

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Updated: 20 Sep 2019, 12:33 PM IST

GST : यहाँ बच्चों के मनोरंजन पर भी जीएसटी - किराया अधिक होने से टॉय ट्रेन बच्चों से है दूर

GST : यहाँ बच्चों के मनोरंजन पर भी जीएसटी - किराया अधिक होने से टॉय ट्रेन बच्चों से है दूर

हिमांशु धवल /अजमेर. शहर के सुभाष उद्यान ( Subhash Udyan in ajmer) में बच्चों के मनोरंजन के लिए चलाई जा रही टॉय ट्रेन (Toy Train In Subhash Udyan)बच्चों से ही दूर हो गई है। ट्रेन को देखकर बच्चा वहां तक पहुंच तो जाता है, लेकिन किराया अधिक होने के कारण वह मायूस होकर लौट जाता है। स्थिति यह है कि अजमेर से जयपुर (jaipur) जाने का ट्रेन से किराया लगभग 30 रुपए है, लेकिन टॉय ट्रेन का किराया (Toy train fare) 50 रुपए वसूला जा रहा है। वह भी सिर्फ चार-पांच चक्कर का, जबकि अजमेर से जयपुर की दूरी लगभग 140 किलोमीटर है। ऐसे में टॉय ट्रेन बच्चों से दूर हो गई है।

बच्चों के मनोरंजन पर भी जीएसटी
- 2 से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों का किराया प्रति : 25 रुपए जीएसटी सहित

- 10 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का किराया प्रति : 50 रुपए जीएसटी सहित

फैक्ट फाइल

- 750 रनिंग फीट टॉय ट्रेन का ट्रेक
- 48 सीटर है ट्रेन, चार डिब्बे

- 10 की स्पीड से काटती है चार चक्कर

सुरक्षित भी हो सफर

अभिभावक कई बार केवल बच्चों को ही ट्रेन में ही बैठा देते हैं। संचालक की ओर से ट्रेन में सुरक्षा के लिए एक लोहे की चेन जरूर बांधी जाती है, लेकिन इससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।

यह भी होना चाहिए

- टॉय ट्रेन में लकड़ी के पट्टों के साथ पर गद्दीदार सीट होनी चाहिए।

- बच्चों की सुरक्षा के लिए लोहे की चेन की जगह गेट लगने चाहिए।

- ट्रेन में खुले तार अथवा झूलते तारों को दुरुस्त करना चाहिए।

- ट्रेन की साफ-सफाई समय पर होती रहनी चाहिए।

एक्सपर्ट व्यू

नगर निगम की ओर से बच्चों के मनोरंजन के लिए टॉय ट्रेन चलाई जाती है। इसका उद्देश्य पैसा कमाना नहीं होना चाहिए। यदि 50 रुपए किराया वसूला जा रहा है तो यह गलत है। यह तो मनोरंजन के नाम पर वसूली हो गई है। टॉय ट्रेन का किराया कम होना चाहिए, जिससे वह आमजन की पहुंच में हो।

- सी. पी. कटारिया, सेवानिवृत्त अधिकारी, नगर निगम

इनका कहना है...

सुभाष उद्यान का करीब 12 करोड़ रुपए से जीर्णोद्धार कराया गया है। अब इसे रख-रखाव और संचालन के लिए ठेके पर दे दिया है। ट्रेन, बोट और एंट्री का किराया बीड डॉक्यूमेंट के अनुसार ही है। बोर्ड में इसे पास किया गया है। तीनों का किराया ठेकेदार तीन साल तक नहीं बढ़ा सकता है।

- ओमप्रकाश ढिंढवाल, एक्सईएन, नगर निगम अजमेर