डायन कहने पर सरकार लगा चुकी है पाबंदी, फिर भी राजस्थान में जारी है कुप्रथा

raktim tiwari | Publish: Jun, 15 2019 05:49:10 PM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

महिलाओं के साथ अत्याचार का सिलसिला बना हुआ है। महिला आयोग ने कई घटनाओं पर संज्ञान भी लिया है।

अजमेर.

डायन शब्द और प्रथा पर सरकार पाबंदी लगा चुकी है, लेकिन राजस्थान में यह कुप्रथा अब तक जारी है। पुलिस महानिदेशक और महिला आयोग ने कई घटनाओं पर संज्ञान भी लिया है, फिर भी महिलाओं के साथ अत्याचार का सिलसिला बना हुआ है।

नसीराबाद के निकटवर्ती बेवंजा ग्राम में शनिवार को महिला को डायन बताकर मारपीट की गई। महिला के साथ इस कदर अत्याचार किया गया, जिससे सुनने के बाद किसी की भी रूह कांप सकती है। बेवंजा ग्राम के सांवरा, पप्पू, महावीर और मानी देवी घर में घुस गए। उन्होंने उसकी मौसी के साथ बेरहमी से मारपीट शुरु कर दी। उन्होंने महिला को जमीन पर पटक कर डंडों, लात-घूंसों से पीटा।

सरकार लाचार, महिलाओं पर अत्याचार
डायन शब्द कहने पर सरकार पाबंदी लगा चुकी है। सुप्रीम और हाईकोर्ट ने भी विभिन्न धाराओं में इस शब्द और प्रथा को अपराध माना है। फिर भी महिलाओं के साथ अत्याचार जारी है। सरकार पूरी तरह इस कुप्रथा पर पाबंदी नहीं लगा सकी है। देशभर में कई महिलाओं को कथित तौर पर डायन बताकर मारपीटा जाता है। प्रभावशाली लोगों की भूमिका ज्यादा होती है।

कब मिलेगी कुप्रथा से मुक्ति....
केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर डायन प्रथा को खत्म करने के लिए कितने ही कानून बना दिए गए हैं, लेकिन इसका खात्मा नहीं हुआ है। गाहे-बगाहे राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में महिलाओं को डायन बताने और अत्याचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस गांवों में डायन प्रथा कमहिला ने बताया कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने भी उनके साथ आकर मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर तुरन्त गांव छोडऩे को कहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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