कीचड़ से टी-शर्ट गंदी हुई तो कर दिया दोस्त का कत्ल

खरवा में गत दिनों मिली थी हाथ-पैर तार से बंधी किशोर की लाश, हत्या के बाद शव को जलाने का भी किया प्रयास, लॉकडाउन के बाद से ननिहाल में रह रहा था किशोर, पुलिस ने विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक को किया निरुद्ध

By: dinesh sharma

Published: 10 Jan 2021, 03:02 AM IST

ब्यावर ( अजमेर ) .

उसे टी-शर्ट गंदी होना इतना नागवार गुजरा कि दोस्त को मौत के घाट उतार दिया। चंद पल पहले तक जिस जिगरी के साथ वह पतंग उड़ा रहा था उसी की जान ले ली।

इसके लिए पहले उसने उसे पत्थर मारा और जब वह अचेत होकर जमीन पर गिर गया तो उसकी हत्या कर दी और लाश को ठिकाने लगाने का प्रयास किया, हालांकि इस दौरान एक ग्रामीण को उस तरफ आता देख वह मौके से फरार हो गया।

ग्राम खरवा में गत दिनों खंडहरनुमा मकान में मिले किशोर के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। किशोर जयराज की हत्या उसके ही दोस्त ने पत्थर मारकर एवं गला दबाकर की। इसके सबूत मिटाने के लिए उसने शव को जलाने का प्रयास भी किया।

पुलिस के अनुसार हत्या से पहले जयराज ने सूअरों को पत्थर मारे थे। इससे विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर नीचे गिर गया और उसकी टी-शर्ट खराब हो गई। इससे गुस्साए विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर ने दोस्त की हत्या कर दी। पुलिस ने विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर को निरुद्ध कर दिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण किशन सिंह भाटी ने बताया कि खरवा स्थित कन्या विद्यालय के पास, खण्डरनुमा स्थान (पुरानी घुड़शाला) में गत दिनों किशोर की लाश मिली। सूचना मिलने पर सदर थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह मय जाप्ता मौके पर पहुंचे।

यहां शव की शिनाख्त पाली जिले के चंडावल गांव निवासी जयराज (17) के रूप में हुई। वह यहां ननिहाल में रह रहा था। पुलिस ने जयराज के मामा रवि कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

कनपटी पर लगा पत्थर

जयराज एवं उसका दोस्त 5 जनवरी दोपहर के समय पतंग उड़ा रहे थे। विधि विरूद्व सघर्षरत किशोर छत से उतरकर नीचे जाने लगा तो जयराज ने छत से खण्डर में बैठे दो तीन सूअरों पर पत्थर फेंका।

इससे सूअर भागने लगे तो विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर गिर गया। इससे उसकी टी-शर्ट गंदी हो गई। इस पर दोनों में विवाद हो गया। विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर ने पत्थर उठाकर जयराज को मारा।

यह उसकी कनपटी पर लगा। इससे जयराज अचेत होकर गिर गया। इसके बाद विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर उसे घसीटकर खण्डरनुमा कमरे मे ले गया। जयराज के दोनों हाथ और पैरों को तार से बांध दिया।

नीचे गिरने से गंदी हुई टी-शर्ट, जूते की लैस व प्लास्टिक रस्सी गले में बांध दी। वहां से रवाना होकर अण्डे के ठेले पर गया, जहां से माचिस लेकर जयराज को जलाने के लिए कचरे के ढेर से प्लास्टिक के कट्टे लेकर आया और उस पर डालकर जलाने का प्रयास किया। इस दौरान एक व्यक्ति उस ओर गया तो विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर वहां से भाग गया।

खंडहर की छत पर उड़ाते थे पतंग

पुलिस को जांच में पता चला कि जयराज अक्सर उक्त खंडहर की छत पर पतंग उड़ाता था। वह 5 जनवरी दोपहर 1 बजे छत पर पतंग उड़ा रहा था। साथ में उसका दोस्त भी था। जयराज को आखिरी बार जिस दोस्त के साथ देखा गया उससे पूछताछ की गई।

दोस्त ने पुलिस को गुमराह करने के लिए जयराज की किसी लड़की से दोस्ती होने एवं मामा द्वारा मारपीट करने की कहानी बताई। पुलिस टीम ने तस्दीक की तो उक्त सभी बातें काल्पनिक पाई गईं।

इससे पुलिस का संदेह गहरा गया। पुलिस ने उससे मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। इस दौरान विधि विरुद्ध संघर्षरत किशोर टूट गया और उसने हत्या करना स्वीकार किया।

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