High court Notice: सेट एग्जाम को लेकर आरपीएससी को नोटिस

आयोग ने अंतिम बार वर्ष 2013 में सेट परीक्षा कराई थी। इसके बाद से परीक्षा नहीं कराई गई है। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट खंडपीठ में विशेष याचिका लगाई थी।

By: raktim tiwari

Published: 28 Feb 2021, 08:56 AM IST

अजमेर.

कॉलेज-यूनिवर्सिटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अहम समझने जाने वाली राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट खंडपीठ ने सात साल से परीक्षा नहीं कराने पर जवाब मांगा है।

कॉलेज और यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) कराई जाती रही है। 29 विषयों के लिए यह परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती थी। आयोग ने अंतिम बार वर्ष 2013 में सेट परीक्षा कराई थी। इसके बाद से परीक्षा नहीं कराई गई है। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट खंडपीठ में विशेष याचिका लगाई थी। खंडपीठ ने जारी किया नोटिसहाईकोर्ट खंडपीठ ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी किया है। इसमें सात साल से राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) नहीं कराने को लेकर चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है।

लिखा पत्र और परीक्षा बंद...
राज्य पात्रता परीक्षा को लेकर आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. ललित के पंवार ने साल 2015-16 में सरकार को पत्र लिखा था। इसमें आयोग पर कामकाज की दबाव होने से पात्रता परीक्षा किसी अन्य संस्था से कराने का आग्रह किया गया। इसके बाद से परीक्षा बंद हो गई। सरकार ने किसी विश्वविद्यालय, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या पृथक एजेंसी को परीक्षा की जिम्मेदारी नहीं सौंपी है।

नेट को किया जरूरी
मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सहायक आचार्य (लेक्चरर) की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) जरूरी किया है। अभ्यर्थियों की नेट परीक्षा देने में रुचि ज्यादा बढ़ी है। हालांकि नेट उत्तीर्ण करने के बाद भी विद्यार्थियों को संबंधित राज्यों की पात्रता परीक्षा या विषयवार सीधी भर्ती परीक्षा देनी पड़ती है। इसमें उत्तीर्ण होने के बाद ही वे शिक्षक बनते हैं।


एसओपी करेगी आरपीएससी की मदद, यूं कामकाज होगा ट्रेक पर

रक्तिम तिवारी/अजमेर. आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा से लेकर, सब इंस्पेक्टर, स्कूल व्याख्याता सहित कई भर्ती परीक्षाएं राजस्थान लोक सेवा आयोग के लिए सिरदर्द साबित हुई हैं। कभी उत्तर कुंजी तो कभी वर्गीकरण सहित अन्य तकनीकी बिंदू आयोग की परेशानियां बढ़ा रहे हैं। इसको देखते हुए आयोग अपने अनुभागों की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगा। इसमें भर्तियों-परीक्षाओं का तय नियम-कायदों से आयोजन, आंतरिक पत्रावलियों के निस्तारण, कोर्ट केस के जवाब लेखन और अन्य प्रावधान शामिल होंगे।

आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा सहित कॉलेज लेक्चरर, स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा, कृषि, कारागार, कनिष्ठ लेखाकार और अन्य भर्ती परीक्षाएं कराता रहा है। कार्मिक विभाग, संबंधित विभाग और सरकार से अभ्यर्थना, पदों का वर्गीकरण मिलने के बाद आयोग भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करता है। गुजरे दस वर्षों में आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती, सब इंस्पेक्टर, व्याख्याता, कनिष्ठ लिपिक सहित कई परीक्षाएं आयोग के लिए सिरदर्द साबित हुई।

तै

raktim tiwari Reporting
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