History: अजमेर की शान, 1971 में पाकिस्तान से जीता था ये टैंक

सेना ने रक्षा कोष में सर्वाधिक राशि जमा कराने वाले शहरों को यह टैंक दिए।

By: raktim tiwari

Updated: 22 Nov 2020, 11:30 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था। इस युद्ध के फलस्वरूप पाकिस्तान ने अपना एक हिस्सा गंवाया, जिसके फलस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ। पाक के सैकड़ों पैटर्न टैंक भारत के कब्जे में आ गए। सेना ने रक्षा कोष में सर्वाधिक राशि जमा कराने वाले शहरों को यह टैंक दिए।

इनमें से एक टैंक अजमेर को मिला। अजमेरवासियों ने इसके लिए रक्षा कोष में 1 लाख रुपए जमा कराए थे। यह टैंक बजरंगगढ़ पर रखा गया है। इसे विजय स्मारक कहा जाता है। टैंक के पीछे लगे स्तम्भों पर जांबाज सैनिकों के नाम भी लिखे गए हैं।


नवंबर में जकड़ रहा जाड़ा, मौसम में बढ़ा सर्दी का असर

अजमेर. नवंबर में जाड़ा जकडऩे लगा है। रविवार सुबह से मौसम सर्द बना हुआ है। धूप निकलने के बाद भी लोगों को गलन भी महसूस हो रही है। न्यूनतम तापमान लुढ़कर 9.5 डिग्री पर पहुंच गया है। पिछले तीन दिन में में 4.1 डिग्री की गिरावट हुई है.
सुबह आसमान में धुंध मंडराती दिखी। ठंड के चलते सैर पर जाने वाले लोग और राहगीर गर्म कपड़े पहने नजर आए। धूप में तेजी है, पर हवा चलने से ठंडक कायम है। गलन भी महसूस हो रही है। जाते नवंबर में शाम ढलते ही ठंडक असर दिखाने लगी है। देर रात शहर में कई जगह सड़कों के किनारे और चाय-थडिय़ों पर लोग अलाव जलाकर बैठे देखे जा सकते हैं। रात के तापमान में करीब तीन से चार डिग्री की गिरावट हो गई है।

नवंबर पिछले साल से ज्यादा सर्द
इस बार नवंबर पिछले साल की तुलना में ज्यादा सर्द है। बीते साल 20 से 30 नवम्बर के दौरान न्यूनतम तापमान 14.5 से 18.2 डिग्री तक रहा था। इस बार भी स्थिति कुछ अलग है। पिछले छह दिन से न्यूनतम तापमान 13.6 से 17.1 डिग्री के बीच चल रहा है। इसमें दो दिन में चार डिग्री की गिरावट हो चुकी है। ऐसे में दिसम्बर और जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पडऩे की उम्मीद है।

raktim tiwari Reporting
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