पुष्कर पशु मेले से हटे प्रतिबंध तो पशुपालकों को मिल सकती है 'संजीवनी

अब राज्य स्तरीय पुष्कर पशु मेला पर प्रतिबंध की बेडिय़ां, करोड़ों रुपए के नुकसान का अनुमान, पशु नहीं बिकने से संकट में गुजर रहे पशुपालक व किसान

By: CP

Updated: 04 Oct 2021, 02:09 AM IST

चन्द्र प्रकाश जोशी

अजमेर. कोरोना संक्रमण की मार झेल रहे किसान एवं पशुपालक राज्य स्तरीय पुष्कर मेले पर लगाई गई रोक से आहत हैं। राज्य सरकार का फरमान पशुपालकों के लिए रीढ़ तोडऩे का काम कर रहा है। पशुओं के क्रय-विक्रय से आजीविका चलाने वाले पशुपालकों के साथ हजारों व्यापारियों एवं आमजन की आजीविका से जुड़े प्रमुख पशु मेले को निरस्त करने का फरमान पशुपालकों व किसानों को पांच साल पीछे धकेलने के बराबर है। जबकि पुष्कर पशु मेले का राज्य स्तरीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय महत्व है।
राजस्थान के राज्य स्तरीय प्रमुख 10 पशु मेलों में पुष्कर पशु मेला अपने आप में अहमियत रखता है। पिछले साल कोरोना की भेंट चढ़े पशु मेले पर इस बार फिर रोक से ना केवल राज्य सरकार को नुकसान होगा बल्कि पशुपालकों को अपने पशुओं को पालने पर आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ेगा।

4 से 5 करोड़ के पशुओं की खरीद फरोख्त

पुष्कर पशु मेले में प्रतिवर्ष 4 से 5 करोड़ रुपए का व्यापार होता है। जिसमें पशुओं की खरीद-फरोख्त की जाती है। पशुपालकों व किसानों की आय का यह प्रमुख जरिया है।

यह है पुष्कर पशु मेले का महत्व
-पशु मेला
-आध्यात्मिक/धार्मिक मेला
-पर्यटन संबंधी मेला

हजारों विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं मेले में

पुष्कर पशु मेले में इजराइल, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी सहित विभिन्न देशों से पर्यटक आते हैं। पुष्कर पशु मेला आयोजित नहीं होने पर विदेशी पर्यटकों का भी पुष्कर में आगमन नहीं होगा।

यहां से आते हैं मवेशी

उष्ट्रवंश : ऊंट बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जालौर, पाली, सिरोही, अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर।
अश्व वंश : नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चित्तौडगढ़़, प्रतापगढ़, गंगानगर, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश।
गौवंश : अजमेर, नागौर, टोंक, भीलवाड़ा उदयपुर।
भैंसवंश : नागौर, जोधपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर।

इन्हें होगा नुकसान

-करोड़ों रुपए की राजस्व हानि।
-कृषि यंत्र, पशु सौंदर्य प्रसादन, ग्रामीण परिवेश के बर्तन, सामान बेचने वाले व्यापारियों को।
- कुट्टी/तुड़ी/चारा व्यापारियों।
-टेंट संचालक, चाय, भोजन के ढाबा संचालक, लोक कलाकार।
-पशु नहीं बिकने से पशुपालक।

साल-दर-साल घट रही पशुओं की आवक

वर्ष आमद संख्या विक्रय संख्या
2014 11150 3025
2015 9934 3449
2016 10048 3030
2017 8735 2554
2018 4200 827
2019 7435 2004
2020 7154 1835

सलाहकार समिति की बैठक से पूर्व निरस्त के आदेश

पुष्कर पशु मेला 2021 का आयोजन 5 नवम्बर 2021 से 21-11-2021 तक प्रस्तावित था लेकिन पशुपालन राजस्थान सरकार की ओर से इसे निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए। जबकि श्री पुष्कर पशु मेला सलाहकार समिति की बैठक में मेले पर चर्चा कर निर्णय किया जाना था लेकिन बिना बैठक के आदेश जारी हो गए। इस संबंध में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रफुल्ल माथुर ने अनभिज्ञता जाहिर की है।

CP Reporting
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