सावधान..अगर आपके बच्चे भी हैं बर्फ का गोला खाने के शौकीन, तो एक बार पढ़लें ये खबर कहीं उनके साथ भी ना हो जाए ऐसा

सावधान..अगर आपके बच्चे भी हैं बर्फ का गोला खाने के शौकीन, तो एक बार पढ़लें ये खबर कहीं उनके साथ भी ना हो जाए ऐसा

Sonam Ranawat | Publish: Apr, 17 2018 12:35:49 PM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

गर्मी के मौसम में बर्फ के गोले, आइस्क्रीम में काम में लिए जाने वाले केमिकलयुक्त रंगों से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

अजमेर . गर्मी के मौसम में बर्फ के गोले, आइस्क्रीम में काम में लिए जाने वाले केमिकलयुक्त रंगों से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। गली-गली, कॉलोनियों में घूमकर एवं बाजारों में हाथ ठेलों को लेकर बर्फ को घिसकर कुल्फी/ आइसक्रीम बनाकर बेचने वाले हाथ ठेला संचालक अधिक मुनाफा कमाने के लिए गुणवत्ताहीन व प्रतिबंधित रंगों का उपयोग कर रहे हैं। उधर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अभियान का इंतजार कर रहा है।

 

 

शहर में जहां गर्मी ने जहां जोर पकड़ा है वहीं बर्फ के गोलों एवं आइस्क्रीम की बिक्री भी बढ़ गई है। इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की ओर से शक्कर की जगह सेक्रीन का अधिक उपयोग किया जाने लगा है। बर्फ के गोले व आइस्क्रीम को मीठा करने के लिए अलग-अलग केमिकलयुक्त व फ्लेवर के रंगों में मिश्रित सेक्रीन का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की नहीं कार्रवाई

गर्मी में सेक्रीन व अलग-अलग रंगों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए घातक है मगर जिम्मेदार विभाग की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी/ निरीक्षक भी विभागीय हरी झंडी का उपयोग कर रहे हैं। जब तक अभियान शुरू नहीं हो जाता कार्यवाही का कोई औचित्य भी नहीं है। अभियान की उपलब्धि गिनाने के चलते कार्यवाही के आंकड़े भी इस समय जुटाने में फायदा नहीं समझ रहे हैं।
इसलिए स्वास्थ्य के लिए घातक-तेज धूप व गर्मी में बर्फ का गोला/ आइस्क्रीम में गला खराब होने का अंदेशा रहता है।

 

-केमिकलयुक्त रंग स्वास्थ्य के लिए घातक है।
-इन रंगों से पेट की बीमारियां, त्वचा रोग बढऩे का खतरा रहता है।

-आंतों में संक्रमण भी हो सकता है।
-स्वच्छता का ध्यान नहीं रखने पर जलजनित बीमारियों का भी भय रहता है।स्कूलों के इर्द-गिर्द खड़े रहते हैं हाथठेलाशहर के विभिन्न मार्गों एवं क्षेत्रों में स्थित सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों के आसपास बर्फ का गोला/ आइस्क्रीम बेचने वाले हाथ ठेला संचालकों का जमावड़ा लगा रहता है। स्कूलों में अवकाश के बाद बच्चों की भीड़ इन ठेलों पर लग जाती है। सेक्रीन व केमिकलयुक्त फ्लेवर का स्तर गिरा हुआ होने से बच्चों को बीमारियां बचपन में घेरने लगती हैं।

 

 

वहीं फ्लेवर के आदी होने पर कुछ बच्चे प्रतिदिन बर्फ का गोला खाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। इनका कहना हैबर्फ का गोला खाने से गला जाम हो जाता है, गले में इन्फेक्शन, निमोनिया, टाइफाइड, दिमागी बुखार, हैजा, उल्टी, दस्त, केमिकल रिएक्शन, सहित विभिन् बीमारियों हो सकती हैं। बर्फ गोला व आइस्क्रीम बेचने वाले कई बार दूषित पानी का उपयोग करते हैं जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। खासकर बच्चों को इससे बचना चाहिए। -डॉ. अनिल सामरिया, फिजिशियन, जेएलएनएच

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