लॉकडाउन में बीवी मीठी लगी, अनलॉक होते ही 'कड़वी Ó

चूरू जिले में दहेज प्रताडऩाओं के मामलों में अचानक वृद्धि, पीडि़त विवाहिताएं पहुंच रही पुलिस थाने
लॉकडाउन में शराब बिक्री बंद थी, लेकिन अब शराब सेवन से मिया-बीवी के बीच बढ़े झगड़े

By: suresh bharti

Published: 07 Sep 2020, 11:57 PM IST

अजमेर/चूरू. कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में रिश्तों का ताना-बाना मजबूत हुआ था। मियां-बीवी के बीच तकरार, तंज, संदेह और झगड़े थम गए थे। इस दौरान महिला अत्याचारों से संबंधित मामलों में भी काफ ी गिरावट दर्ज की गई थी।

लॉकडाउन के अनलॉक होने के साथ ही अचानक पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट़ शुरू हो गई। ऐसे में महिलाएं घर की दहलीज लांघकर थाने पहुंचने को मजबूर है। अजमेर जिले महिला अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें बलात्कार, हत्या, छेडख़ानी और दहेज प्रताडऩा शामिल है। जानकारों की मानें तो लॉकडाउन के समय शराब की बिक्री बंद थी। ऐसे में पुरुष मदिरा सेवन नहीं कर पा रहा था। अनलॉक में शराब के ठेके खुल गए तो पति-पत्नी के बीच भी झगड़े बढ़ गए।

गृह क्लेश का सबसे बड़ा कारण शराब

चूरू जिले में पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो जून माह के बाद में दहेज प्रताडऩ़ा का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। रोज कोई न कोई महिला थाने का दरवाजा खटखटा रही है। जो कि समाज के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

लॉकडाउन के बाद पति-पत्नी के बीच रिश्तों की दूरियां एक बार फिर से बढऩ़े लग गई है। सूत्रों की मानें तो गृह क्लेश का सबसे बड़ा कारण शराब है। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने शराब बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। शराब के चलते पहले गृहक्लेश व बाद में तलाक की नौबत पहुंच जाती है। लॉकडाउन में नशे पर रोक के चलते मामलों में गिरावट हुई थी।

जिले के थानों में 252 मामले दर्ज

चूरू जिले के थानों में अब तक दहेज प्रताडऩ़ा के 252 मामले दर्ज हो चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान मार्च माह में 22, अप्रेल में केवल ३, मई में 15 मामले दर्ज हुए थे। वहीं केन्द्र सरकार के जून माह में अनलॉक-एक की घोषणा के बाद मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई।

जून में 33, जुलाई में 54 व अगस्त माह के दौरान 57 मामले दर्ज किए गए हैं। जिले में दहेज के लिए हत्या के नौ प्रकरण पंजीकृत हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष केवल 8 मामले दर्ज हुए थे।

208 मामलों की जांच लम्बित

पुलिस सूत्रों की मानें तो इस वर्ष अभी तक महिला अत्याचार संबंधी जिले के विभिन्न थानों में 583 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। जांच के दौरान पुलिस को 206 मामले झूठे मिले हैं। वहीं 168 में पुलिस कोर्ट में चालान पेश कर चुकी है। जिले के थानों में अभी भी 208 मामलों की जांच लम्बित चल रही है।

suresh bharti Desk
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