Innovation: स्टूडेंट्स सात भाषाओं में कर सकेंगे इंजीनियरिंग की पढ़ाई

राष्ट्रीय स्तर पर एआईसीटीई ने दी मंजूरी। इंजीनियरिंग करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी सहायता।

By: raktim tiwari

Published: 28 May 2021, 08:26 AM IST

अजमेर.

इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। विद्यार्थी जल्द हिंदी सहित आठ भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इसकी स्वीकृति जारी की है। हालांकि भाषाओं में पाठ्यक्रम और पुस्तकें तैयार करने में अभी समय लगेगा।

देश में प्रतिवर्ष करीब 50 लाख विद्यार्थी जेईई मेन, जेईई एडवांस परीक्षा देते हैं। परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद एनआईटी, आईआईटी, इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेकर बीई/बी.टेक पाठ्यक्रमों की डिग्री हासिल करते हैं। अब तक अंग्रेजी भाषा में पढ़ाईज्यादातर तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई होती है। इसमें सर्वाधिक ग्रामीण और पिछड़े इलाकों वाले हिंदी और अन्य भाषाएं बोलने वाले विद्यार्थियों को परेशानी होती है। अंग्रेजी-लिखने पढऩे की कमजोरी के चलते कई होनहार युवा तो परीक्षा भी नहीं दे पाते हैं।

भारतीय भाषाओं में पढ़ाई
अखिल भारतीय तकनीकी परिषद के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र से हिंदी सहित मराठी, बंगाली, तेलुगू, तमिल, गुजराती, कन्नड़ और मलयालम भाषा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा सकेगी। फिलहाल यह वैकल्पिक शुरुआत होगी। परिषद को देश के विभिन्न संस्थानों से 500 आवेदन भी प्राप्त हो चुके हैं।

11 भाषाओं में शुरू होंगे कोर्स
सहस्रबुद्धे के अनुसार भविष्य में परिषद 11 अन्य भाषाओं में तकनीकी पाठ्यक्रमों की शुरुआत करेगा। इनके पाट्यक्रम और किताबें भी उन्हीं भाषाओं में तैयार कराई जाएंगी। ताकि युवाओं को पढ़ाई में परेशानियां नहीं हों।

भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की शुरुआत अच्छी पहल है। लेकिन पाठ्यक्रमों और पुस्तकों को संबंधित भाषाओं में तैयार करना और विद्यार्थियों तक पहुंचाना भी जरूरी है। तभी विद्यार्थियों का रुझान बढ़ेगा।
डॉ. रेखा मेहरा, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ल्या

raktim tiwari Reporting
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