Innovation: डिजिटल लाइब्रेरी में होगा खजाना, स्टूडेंट्स रह जाएंगे हैरान

राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण में विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए तीनों कॉलेज की लाइब्रेरी के डिजिटलाइजेशन का फैसला किया है।

By: raktim tiwari

Published: 11 May 2021, 08:31 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

कोरोना संक्रमण में नवाचार के तहत तीन इंजीनियरिंग कॉलेज में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार हो रही है अजमेर के महिला इंजीनियरिंग सहित बांसवाड़ा और झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज में किताबों और जर्नल का डिजिटलाइजेशन कार्य हो चुका है।

सत्र 2021-22 में विद्यार्थियों को ऑनलाइन किताबें, जर्नल पढऩे को मिलेंगे। महिला इंजीनियरिंग कॉलेज माखुपुरा, बांसवाड़ और झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज में लाइब्रेरी बनी हुई हैं। इनमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर इंजीनियरिंग और अन्य ब्रांच की किताबें, जर्नल, नियमित पत्र-पत्रिकाएं और अन्य विषयों और लेखकों की पुस्तकें रखी हुई हैं। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण में विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए तीनों कॉलेज की लाइब्रेरी के डिजिटलाइजेशन का फैसला किया है।

किताबें-जर्नल होंगे डिजिटल फॉर्मेट में
पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के तीन इंजीनियरिंग कॉलेज का चयन किया गया है। तीनों कॉलेज की इंजीनियरिंग और अन्य संकाय की पुस्तकें ई-फॉर्मेट में तब्दील की गई हैं। अब इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। लॉकडाउन और रेड कफ्र्यू के चलते अजमेर के दोनों और बांसवाड़ा इंजीनियरिंग कॉलेज की परस्पर कनेक्टिविटी नहीं हुई है। तकनीकी शिक्षा विभाग और कॉलेज सत्र 2021-22 में छात्र-छात्राओं को डिजिटल लाइब्रेरी की सेवा मुहैया कराएगा।

मंगवाएंगे विविध विषयों की किताबें
सभी कॉलेज की लाइब्रेरी में विविध विषयों की किताबें मंगवाई जाएंगी। इनमें राजस्थान और अन्य प्रांतों के साहित्य, कला-संस्कृति, इतिहास, नाट्य विधा, परम्पराओं, सम-सामायिकी, वैश्विक गतिविधियों से जुड़ी किताबें, पुराने और नए नामचीन लेखकों की पुस्तकें शामिल होंगी। इन पुस्तकों को भी ई-फॉर्मेट में बदला जाएगा। ताकि यहां विद्यार्थियों, शिक्षकों विशेषज्ञों, अधिकारियों और कर्मचारियों को पढऩे के लिए वृहद सामग्री मिल सके।

यह होंगे फायदे
-विद्यार्थी, शिक्षक, विशेषज्ञ और शोधार्थी को मिलेंगे ई-कंटेंट
-उपलब्ध लिंक से घर बैठे पढ़ सकेंगे पुस्तकों से
-पुस्तकों के कंटेंट बरसों तक रहेंगे सुरक्षित
-राज्य के सभी तकनीकी शिक्षा संस्थानों को होगी सुविधा
-एआईसीटीई, यूजीसी की लाइब्रेरी से भी होगी लिंक

तीन कॉलेज की लाइब्रेरी में उपलब्ध जर्नल और किताबों का डिजिटलाइजेशन हो चुका है। कॉलेज की आपस में कनेक्टिविटी का काम होना है। इसके बाद विद्यार्थियों ,शिक्षकों और तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों को ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध होंगे।
डॉ. जितेंद्र डीगवाल, प्राचार्य महिला इंजीनियरिंग कॉलेज

raktim tiwari Reporting
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