#Janta Curfew: सूनी सडक़ें और दुकानें लॉक डाउन

-सिर्फ खुली मेडिकल की दुकान और डेयरी। थमे रहे रोडवेज, टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा के चक्के।

By: raktim tiwari

Published: 22 Mar 2020, 01:47 PM IST

अजमेर.

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते रविवार को जनता कफ्र्यू में समूचा शहर-जिला लॉक डाउन रहा। ना किसी सियासी दल, ना संगठन बंद की अपील करता दिखा। ना ही पुलिस और प्रशासन की कोई जोर अजमाइश नजर आई। शहर के बाजारों और सडक़ों पर सुबह से सन्नाटा पसरा रहा। हमेशा चहल-पहल से आबाद रहने वाले रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर कफ्र्यू लगा रहा। ऑटोरिक्शा, सिटी बस, ई-रिक्शा, सिटी कैब सहित किसी वाहन के चक्के नहीं घूमे।

पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को जनता ने खुद पर कफ्र्यू लगाया। सुबह से शहर के बाजारों में इसका असर दिखा। शास्त्री नगर, लोहागल रोड, पुलिस लाइन, वैशाली नगर इलाके में अधिकांश दुकानें बंद रही। केवल दूध डेयरी और मेडिकल शॉप ही खुली दिखी। नया बाजार, पुरानी मंडी, मदार गेट, स्टेशन रोड इलाकों दुकानों के शटर नहीं खुले। सुबह-सुबह लोग दूध, ब्रेड और आवश्यक सामान खरीदने निकले और वापस घर लौट गए। व्यापारिक एसोसिएशन के पदाधिकारी घरों से सोशल मीडिया पर बंद का आह्वान करते रहे। कुछ यही हाल शास्त्री नगर, आदर्श नगर, जयपुर रोड, धौलाभाटा, बिहारीगंज, प्रकाश रोड, नसीराबाद रोड,श्रीनगर रोड, मेयो लिंक रोड, फायसागर-पुष्कर रोड क्षेत्र में नजर आया। आम लोगों, व्यापारियों ने कोरोना कफ्र्यू का भरपूर समर्थन किया।

ना ऑटो चले ना सिटी बस
जनता कफ्र्यू ने समूचे शहर को लॉक डाउन रखा। सडक़ों पर रोजाना दौडऩे वाले ऑटोरिक्शा, सिटी बस, सिटी कैब,ई-रिक्शा, कार-जीप, दोपहिया वाहन नजर नहीं आए। हालांकि बीमार लोगों के लिए एम्बुलैंस संचालित रहीं। लोग अपनी निजी वाहनों में गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल लेकर पहुंचे। इनके अलावा सडक़ों पर सन्नाटा पसरा रहा।

दरगाह बाजार-अंदरकोट में दुकानें बंद
दरगाह बाजार और अंदरकोट के अंदरूनी इलाके में सुबह-सुबह कुछ दुकानें खुली। पुलिस और व्यापारिक एसोसिएशन ने कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए दुकानें बंद करने की अपील की। इसके बाद दुकानें धीरे-धीरे बंद होती गई। हालांकि पूरे शहर में घरों, गलियों-मोहल्लों में संचालित दुकानें चली। लेकिन दुकानदारों ने अंदर रहकर ही सामान दिया।

चाय की थडिय़ों पर ताले

शहर में जगह-जगह प्रमुख सडक़ों, अंदरूनी इलाकों, दफ्तरों के आसपास आबाद रहने वाली चाय की थडिय़ों परताले लटके रहे। चाय-कॉफी के तलबगार सडक़ों पर निकले पर मायूस होकर वापस लौट गए। गुटखे-बीड़ी-सिगरेट की दुकानें भी बंद रहे। लोग दवा की दुकानों पर भी आवश्यक दवाएं खरीदने ही पहुंचे। शहर भर की कचौरी-समोसे की दुकानें-ठेले, मिठाइयों की दुकानें भी बंद रहीं।

सेनिटाइजर और मास्क खत्म
दवा की दुकानों पर सेनिटाइजर, मास्क खत्म हो गए। इससे कई लोग परेशान भी हुए। लोगों ने नीम की पत्तियों, कपूर, नींबू और अन्य वस्तुएं से घरेलू सेनिटाइजर भी बनाए। इसके अलावा लोग गलियों-मोहल्लों में भी एकदूसरे को साबुन से बार-बार हाथ धोने का अपील करते रहे।

घरों में टीवी, कैरम और ताश का सहारा
नया बाजार, पुरानी मंडी, होलीदड़ा, घसेटी, दरगाह बाजार के अंदरूनी इलाकों की गलियों में भी सन्नाटा रहा। अक्सर भारत बंद या किसी शहर के बंद होने पर बच्चे-बड़े क्रिकेट, ताश, कैरम या अन्य खेल से खुद को व्यस्त करते दिखते हैं। लेकिन जनता कफ्र्यू में यह नजारे भी नहीं दिखे। लोगों ने कोरोना महामारी की गंभीरता को समझते हुए खुद को घरों में कैद रखा। बच्चों ने पढ़ाई कर या टीवी देखकर, बड़ों ने अखबार, किताबेें पढकऱ, सोशल मीडिया पर चैटिंग कर वक्त बिताया।

Corona virus
raktim tiwari Reporting
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