scriptLast year there was no water in the canals | पिछली साल नहरों में पानी नहीं था, तो इस बार खेत हुए जलमग्न | Patrika News

पिछली साल नहरों में पानी नहीं था, तो इस बार खेत हुए जलमग्न

हांसई गांव की नहर टूटने से तकरीबन 50 काश्तकारों की फसल हुई बर्बाद - विधायक से लगाई गुहार

पिछली वर्ष बारिश की कमी के कारण जिन नहरों में पानी की बूंद तक नहीं पहुंची थी, तो इस बार अच्छी वर्षा होने के कारण रामसागर बांध सहित अन्य आसपास के जलाशय पूरी तरह लबालब भरे हुए हैं।

अजमेर

Published: December 01, 2021 02:09:46 am

बाड़ी. पिछली वर्ष बारिश की कमी के कारण जिन नहरों में पानी की बूंद तक नहीं पहुंची थी, तो इस बार अच्छी वर्षा होने के कारण रामसागर बांध सहित अन्य आसपास के जलाशय पूरी तरह लबालब भरे हुए हैं। जिस कारण सिंचाई विभाग भी लगातार नहरों में पानी छोड़ रहा है। जिससे अच्छी सिंचाई हो रही है, तो वहीं अब नहरों में आने वाला यह पानी मुसीबत भी बनने लगा है। बाड़ी पंचायत समिति के गांव हांसई में रामसागर बांध से निकलने वाली नहर के टूट जाने के कारण तकरीबन 50 काश्तकारों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। नहर टूटी होने की सूचना सिंचाई विभाग को देने के बावजूद जब उनकी किसी ने सुनवाई नहीं की तो सभी पीडि़तों ने बाड़ी विधायक से उनके कार्यालय पर मिलकर ठीक कराने की गुहार लगाई है।
खेत और घरों में भर रहा पानी, सिंचाई विभाग नहीं कर रहा सुनवाई
पिछली साल नहरों में पानी नहीं था, तो इस बार खेत हुए जलमग्न
पिछली साल नहरों में पानी नहीं था, तो इस बार खेत हुए जलमग्न
हांसई गांव के राजेंद्र सिंह मीणा ने ग्रामीणों के साथ बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को ज्ञापन सौंपा। उसमें बताया कि रामसागर बांध से नहर द्वारा सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है, वह अब खेतों में भरने लगा है। जिसका प्रमुख कारण हांसई के पास नहर का टूट जाना है। जिसे लेकर कई बार सिंचाई विभाग को अवगत करा दिया है, लेकिन समस्या का कोई भी समाधान नहीं हो सका है। तकरीबन 50 काश्तकारों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। पानी अब धीरे-धीरे घरों के अंदर आने लगा है। इस पर विधायक ने सभी ग्रामीणों को आश्वस्त कर जल्द ही नहर को ठीक कराने की बात कही। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र सिंह, देव मीणा, श्रीनिवास, महेंद्रजीत, देवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
पत्रिका ने पहले ही चेताया था
रामसागर बांध से निकलने वाली नहरें के क्षतिग्रस्त होने के बारे में पत्रिका ने पहले ही सिंचाई विभाग को चेताया था, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। इस कारण अब नहरें टूट रही हैं और किसानों की फसल बर्बाद हो रही है।
इनका कहना है
रामसागर बांध से निकलने वाली नहर हांसई गांव के टेल पर पानी अधिक छोड़े जाने पर खेतों में पानी अधिक भर गया है। इससे किसानों का नुकसान हुआ है। हम बारीकी से मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं।राजकुमार सिंघल, कार्यवाहक अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, बाड़ी।

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