जबरदस्त घाटे में चल रहा है अजमेर का यह कॉलेज, कमाई से ज्यादा बढ़ रहे खर्चे

ग्रेडिंग नहीं ले पाया है। ऐसे में कॉलेज को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

By: raktim tiwari

Published: 10 Feb 2018, 07:43 AM IST

अजमेर।

यूजीसी में पंजीकरण और राष्ट्रीय प्रत्याययन एवं मूल्यांकन परिषद (नैक) की रैंकिंग नहीं होने से लॉ कॉलेज को नुकसान हो रहा है। अव्वल तो कॉलेज राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा शिक्षा अभियान के बजट से महरूम है। तिस पर सरकार और बार कौंसिल ऑफ इंडिया भी कोई मदद नहीं कर रही। इससे विद्यार्थियों के लिए नए कक्ष, हाइटेक लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं जुटाने में परेशानियां हो रही हैं।

 

प्रदेश में वर्ष 2005-06 में 15 लॉ कॉलेज स्थापित हुए। इनमें अजमेर , भीलवाड़ा, सीकर, नागौर, सिरोही, बूंदी, कोटा , झालावाड़ और अन्य कॉलेज शामिल हैं। किसी भी कॉलेज को बार कौंसिल ऑफ इंडिया से स्थाई मान्यता नहीं मिल पाई है। लॉ कॉलेज यूजीसी के नियम 12 (बी) और 2 एफ में पंजीकृत ही नहीं है। इसके चलते कोई कॉलेज राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद (नैक) से ग्रेडिंग नहीं ले पाया है। ऐसे में कॉलेज को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 

यह है नियम....

यूजीसी के नियम 12 (बी) और 2 एफ के तहत सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों को पंजीकृत किया जाता है। यह पंजीयन संस्थाओं में शैक्षिक विभाग, शिक्षकों और स्टाफ की संख्या, भवन, संसाधन, सह शैक्षिक गतिविधियों और अन्य आधार पर होता है। पंजीकृत संस्थाओं को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान और यूजीसी से विकास कार्यों, शैक्षिक कॉन्फे्रंस, कार्यशाला, भवन निर्माण के लिए बजट मिलता है।

लॉ कॉलेज को हो रहा नुकसान

लॉ कॉलेज 12 (बी) और 2 एफ में पंजीकृत नहीं है। इससे कॉलेज को नुकसान हो रहा है। बीसीआई के नियमानुसार लॉ कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए 12 कमरे, हाइटेक लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लेब, सेमिनार हॉल, कैंटीन और अन्य सुविधाएं होने चाहिए। लेकिन कॉलेज महज 8 कमरों में संचालित है। हाइटेक कम्प्यूटर लेब नहीं है। लाइब्रेरी में प्रतिवर्ष 50 हजार की किताबें खरीदने का प्रावधान है, लेकिन जगह कम होन से कॉलेज परेशान है।

पूरे राज्य में मात्र 40 व्याख्याता

मौजूदा वक्त पूरे राज्य में विधि शिक्षा में महज 40 व्याख्याता कार्यरत हैं। इनमें 7-8 व्याख्याता अपने सियासी रसूखात के चलते विश्वविद्यालयों और कॉलेज शिक्षा निदेशालय में पदस्थापित हैं। नागौर, सिरोही, बूंदी, झालावाड़ लॉ कॉलेज में तो महज एक शिक्षक कार्यरत है। वही शिक्षक प्राचार्य और वही विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं।

यूजीसी के 12 बी-2एफ में पंजीकरण होने के बाद ही ग्रेडिंग के लिए आवेदन संभव है। फिलहाल इसमें कॉलेज पंजीकृत नहीं है। इस मामले में सरकार, यूजीसी और बीसीआई ही फैसला लेने के लिए अधिकृत हैं। डॉ. डी. के. सिंह प्राचार्य लॉ कॉलेज

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