Live: उन्होंने की लव मैरिज, कलक्ट्रेट पर हुआ जबरदस्त फैमिली ड्रामा

कलक्ट्रेट में हुआ घटनाक्रम-पुलिस ने लिया सात लोगों को हिरासत में।

By: raktim tiwari

Published: 16 Sep 2020, 06:26 AM IST

अजमेर.

युवक-युवती के लव मैरिज करने से खफा परिजनों ने कलक्ट्रेट में हंगामा कर दिया। दोनों परिवारों में झगड़ा होते देखकर पुलिस लाठियां फटकार कर लोगों को तितर-बितर किया। इससे कलक्ट्रेट में एकबारगी अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबा सुनकर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप भी मौके पर पहुंचे।

हिंदू लड़की और समुदाय विशेष के लड़के लव मैरिज कर कलक्ट्रेट पहुंचे। पीछे-पीछे ही दोनों के परिजन-रिश्तेदार भी पहुंच गए। दोनों पक्षों में एकदूसरे को देखते हुए गाली-गलौच शुरू हो गई। बात हाथापाई की नौबत तक जा पहुंची।पुलिस ने फटकारी लाठियांदोनों परिवारों के शोर-शराबा और हंगामा करते देख पुलिस और आरएसी के जवानों ने लाठियां फटकारीं। इससे कलक्ट्रेट में अफरा-तफरी मच गई। लड़के-लड़कियों के रिश्तेदार भी तितर-बितर हो गए।

एसपी पहुंचे मौके पर
हंगामा और लाठियां फटकाने की सूचना पर एसपी.कुंवर राष्ट्रदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत की। एसपी ने उन्हें शांति भंग करने और हंगामा करने पर सख्त हिदायत दी। इसके बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मौके से करीब 7 लोगों को हिरासत में लिया।

मैं दे आया फाइल का पैसा, सर देंगे परमानेंट एफिलेशन..

अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के घूसकांड में निलंबित कुलपति आर. पी. सिंह, उसका दलाल रणजीत और उनके नेटवर्क में शामिल लोग बेखौफ होकर कॉलेज संचालकों से डील कर रहे थे। 15-20 हजार से लाखों रुपए की डील मोबाइल पर फिक्स होती थी। यह रिकॉर्डिंग और बातें एसीबी की एफआईआर में दर्ज है।

1 जुलाई 2020 को 4.01:12 बजे रणजीत सिंह के मोबाइल नंबर (7599347117) से राजेंद्र चौधरी के मोबाइल (9829084423) पर बातचीत हुई। इसमें राजेंद्र कहता है....पहले चार-पांच कॉलेज का पैसा एक लाख रुपए दिया था, जो कम ही नहीं किया। इस पर रणजीत कहता है...रजिस्ट्रार पैनल और सीट का एक लाख रुपए मांग रहा है, वो सब काम करा देगा। मैं दो फाइल का पैसा दे भी आया उसको....सर तो परमानेंट एफिलेशन देंगे.....।

ठीक है पचास, तीस, बीस होगा....
आर. पी. सिंह और उसके दलाल रणजीत का पूरा फोकस कॉलेज के एफिलेशन, सीट अभिवृद्धि और परीक्षा केंद्र पर टिका था। वे पूरी तरह कॉलेज संचालकों की अटकी और नवीन पत्रावलियों पर ध्यान केंद्रित किए हुए थे। राजेंद्र और रणजीत के बीच हुई बातचीत एसीबी के एफआईआर में है। एक जगह राजेंद्र कह रहा है...सर कौन देगा इतना पैसा....इस पर रणजीत कहता है....अरे भैया लोग देकर गए है। राजेंद्र फिर कहता है.....रजिस्ट्रार अकेला खा रहा है..। रणजीत कहता है...अकेला नहीं खा रहा....। तब राजेंद्र कहता है....तब ठीक है, पचास, तीस बीस होगा....?

raktim tiwari Reporting
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