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बोले मदनलाल सैनी…कांग्रेस में नहीं जनता के बीच जाने की हिम्मत, हम ही जीतेंगे चुनाव

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madanlal saini

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अजमेर.

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने कहा कि कांग्रेस में जनता के बीच जाने का साहस नहीं है। प्रदेश में भाजपा के पक्ष में वातावरण है। मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा में उमड़ता जन सैलाब इस बात का परिचायक है। कांग्रेस का प्रदेश में नेतृत्व कौन करेगा यह भी तय नहीं कर पा रही है।

कायड़ विश्राम स्थली पर भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में सैनी ने कहा कि प्रदेश में चुनावी शंखनाद तो पहले ही हो चुका है।

पीएम मोदी की प्रस्तावित छह अक्टूबर की अजमेर यात्रा से इसे और गति मिलेगी। सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रदेश में संगठनात्मक कार्यक्रमों के बाद प्रदेश में वातावरण बदला है।

जनता का घरों से बाहर निकल कर सैलाब के रूप में उमडऩा इस बात को साबित करता है कि प्रदेश की जनता केन्द्र व राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह के संगठन के शक्ति केन्द्र अभियान से पार्टी कार्यकर्ता सक्रिय हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश 180 सीटें भाजपा जीतेगी और लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटें भाजपा की झोली में आएंगी।

कांग्रेस की संकल्प रैली के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की रैली संभाग स्तर पर हुई जबकि भाजपा की गौरव यात्रा में विधानसभा स्तर की भीड़ उमड़ रही है। कांग्रेस ने भाजपा के बूथ प्रबंधन की नकल की लेकिन उनमें हुए हंगामे व विवाद किसी से छिपे नहीं है।उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियोंं व अन्य राज्य कर्मचारियों की हड़ताल पर पार्टी केआलाकमान की नजर है। जल्द ही सभी विवाद सुलझा लिए जाएंगे।

नेताजी गए थे मायरा भरने...

एक पुराने कांग्रेसी हैं रामबाबू शुभम । सातवें आठवें दशक तक यह नाम काफी चर्चित था। शहर के अधिकांश पुराने राजनीतिज्ञों और लोगों के लिए यह नाम काफी जाना पहचाना रहा है। कांग्रेस की प्रत्येक गतिविधि में रामबाबू शुभम काफी सक्रिय भूमिका निभाते थे। बड़ा नेता बनने की कभी महत्वकांक्षा नहीं पाली। पार्टी के सच्चे सिपाही के तौर पर जो जिम्मेदारी दी गई उन्होने पूरे मनोयोग से निभाया। कांगे्रस ने भी उनकी लगन और ईमानदारी को गंभीरता से लिया और उनकी सेवा के बदले तीन बार विधानसभा टिकट से नवाजा। लेकिन राजनीति में किस्मत का बड़ा योगदान रहता है। उनके नसीब में विधायक बनना नहीं था सो तीनों बार हार का सामना करना पड़ा।