अजमेर के महाराणा प्रताप स्मारक को लगी एेसी नजर, इसलिए बंद हो गया मनोरंजक लेजर लाइट शो

अजमेर के महाराणा प्रताप स्मारक को लगी एेसी नजर, इसलिए बंद हो गया मनोरंजक लेजर लाइट शो

By: सोनम

Published: 25 Apr 2018, 09:42 PM IST

भूपेन्द्र सिंह /अजमेर.पुष्कर स्थित महाराणा प्रताप स्मारक पर थ्री-डी लेजर लाइट की स्थापना व संचालन में अजमेर विकास प्राधिकरण के अभियंताओं ने जमा कर 'खेल किया है। लेजर शो के संचालन का ठेका जोधपुर की मैसर्स दारा कंस्ट्रक्शन को डेढ़ साल पूर्व दिया गया था। ठेका शर्तों के अनुसार एक हाइपावर वीडियो प्रोजेक्टर लगाया जाना था जो 3-डी लेजर शो को संचालित कर सके। लेकिन जो प्रोजेक्टर लगाया गया है उसमें केवल इमेज/ स्लाइड ही चल रही है। मामले में खास यह है कि रील जो प्रोजेक्टर के अंदर चलाई जा रही है वह ज्यादा हीट के कारण पिघल गई है।

 

इससे स्मारक पर लेजर लाइट शो का संचालन पिछले दस दिनों से बंद पड़ा है। ठेकेदार ने 4 किलोवाट की जगह लेजर शो में 6 किलोवाट का लैम्प लगाया जिससे फिल्म गर्म हो जाती है। ज्याादा किलोवाट के लैम्प की लाइफ कम होती है जिससे की लैम्प जल्दी खराब होता है। इसकी कीमत लाखों में है। छह किलोवाट लगाने से प्रोजेक्टर उपकरणों के सर्किट की दक्षता प्रभावित हो रही है। ठेकेदार ने नियमानुसार कार्य ही नहीं किया। करीब डेढ़ साल पूर्व एडीए ने 2 करोड़ 30 लाख रुपए में स्मारक पर लेजर लाइट शो का ठेका दिया था। यह तभी से विवादों में हैं। लेजर शो चला कम बंद अधिक रहा।

 


निविदा शर्तें ताक पर, ठेकेदार का हो रहा भुगतान

महाराणा प्रताप स्मारक पर लेजर लाइट शो की सुरक्षा मेंटीनेंस की जिम्मेदारी ठेकेदार फर्म दारा कंस्ट्रक्शन की है। लेकिन सुरक्षा गार्ड एडीए ने लगाए हैं। निविदा शर्तों में 2 साल के लिए सुरक्षा संचालन/ मेंटीनेंस सभी शामिल हैं। लेकिन अभियंताओं ने शर्तों को ही धता बता दिया। गार्ड लगाने के बावजूद स्मारक पर लगाए गए पोलों से लाइटें गायब हो गई।

नहीं करवाया थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन

दस लाख से अधिक के कार्य की डिफेक्ट लायबिलिटी बीएसआर नियमों के अनुसार ही लेकर शो के स्पेशल कंडीशन के हिसाब से ही मेंटीनेंस मैनुअल के हिसाब से मेंटीनेंस करवाई जानी थी। लेकिन एडीए मेंटीनेंस तो दूर की बात है संचालन भी नहीं करवा पा रहा। लेजर शो के साइट टेस्ट सर्टिफिकेट ठेकेदार को दिए जाने थे लेकिन लेजर शो के प्रोडक्ट चाइना से मंगवाकर लगवाया गया।

 

इसका थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करवाया जाना था लेकिन नहीं करवा गया। अधिशासी अभियंता के निर्देश पर निविदा शर्तों के अन्तर्गत 3 दिन के भीतर अगर ठेकेदार बिना स्पेसिफिकेशन के कार्य को हटाने के लिए पाबंद है नहीं तो ठेकेदार पर कार्रवाई की जा सकती है लेकिन महीनों तक लेजर शो बंद होने के बावजूद ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। ठेकेदार को तीन बाद नोटिस जारी कर कार्य को सही किया जा सकता था लेकिन 6 से भी ज्यादा नोटिस देकर भी एडीए ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि टेंडर निरस्त कर रिस्क एंड कॉस्ट पर टेडर लगाया जा सकता था।


स्मारक पर नहीं लगाए बोर्ड

नियमानुसार ठेकेदार को महाराणा प्रताप स्मारक की साइट पर दो बोर्ड लगाने थे जिन पर लेजर शो के प्रोजेक्ट्स का विवरण लिखा जाना था लेकिन यह नहीं लगवाए गए और न ही कोई नोटिस इस सम्बन्ध में दिया गया जिससे लोगों को जानकारी हो सके। लेजर एक रेडिएशन उत्पाद है। इसकी सुरक्षा सम्बन्धी नियमों की पालना सख्ती से किया जाना अनिवार्य है।


रेडिएशन उत्पाद प्रतिष्ठित कम्पनी का होना चाहिए जो सुरक्षा उपकरणों को और जिसमें ग्लास, बीम कटर व रिमोर्ट से संचालित होना चाहिए। लेजर लिमिट, मैक्सीमम परमिसिबल एक्सप्लोर (एमपीई) मापदंडों की पालना की जाना चाहिए। निविदा शर्तों को पूरा किए बिना ही ठेकेदार को भुगतान किया जा रहा है। अलायंमेंट आदि की जांच की जानी थी जो नहीं की जा रही।

 

धर्मेश व सिंघल ही काम देखते हैं। वे ही काम करवा रहे हैं। मेरा तो नाम काम में लिया जा रहा है।
-पप्पूराम विश्नोई मैसर्स दारा कंसस्ट्रक्शन जोधपुर

कोई टेक्नीकल प्रॉब्लम है। रिपोर्ट ली जा रही है। ठेकेदार को नोटिस दिया है उनका आपस का मामला है।
-सुरेश बेनीवाल, एक्सईएन एडीए

मेरे भाई की कम्पनी का मुम्बई में बड़ा काम है। दारा ने उनके साथ मिलकर काम किया था। उनका कोई पेमेंट इश्यू होगा। मैंने तो पहले ही लिखकर दे दिया था कि मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं इनवॉल्व नहीं हूं। मेरे कहीं भी साइन नहीं है। टेंडर पर साइन एडीए एसई ने किए हैं। मैं तो असिस्ट कर रहा था।

-सुनील सिंघल, पूर्व अधीक्षण अभियंता पीएचीईडी
(प्रतिनियुक्ति पर एडीए में भी सेवा दी है)

सोनम Reporting
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