टॉफी दिलाने के बहाने मासूम को बनाया उसने अपना शिकार, परिवार अब भी कर रहा रो-रो कर इंतजार

Sonam Ranawat

Publish: Mar, 14 2018 03:00:00 PM (IST)

Ajmer, Rajasthan, India
टॉफी दिलाने के बहाने मासूम को बनाया उसने अपना शिकार, परिवार अब भी कर रहा रो-रो कर इंतजार

नगर में तीन वर्षीय बालक के अपहरण से सनसनी फैल गई।

पुष्कर. नगर में तीन वर्षीय बालक के अपहरण से सनसनी फैल गई। अपहृत बालक के परिजन ने उसके पिता के साथ काम करने वाले पर टॉफी दिलाने के बहाने वारदात को अंजाम देने का शक जाहिर किया है। उधर सूचना मिलते ही उपअधीक्षक ग्रामीण सहित तीन थानों के प्रभारियों ने पुष्कर पहुंचकर रेतीले दड़े खंगाले। सीसीटीवी फुटेज देखकर अपहर्ता का पता लगाने की कोशिश की। मोबाइल डिटेल्स के आधार पर पुष्कर थानाप्रभारी टीम के साथ मंदसौर (मध्यप्रदेश) रवाना हो गए।

 

उपअधीक्षक ग्रामीण राजेश वर्मा ने बताया कि नायक कॉलोनी में रहने वाले सन्नी वाल्मीकि ने रिपोर्ट देकर बताया कि मदंसौर का रहने वाला सलीम (35) उसके साथ मजदूरी करता था। सोमवार को सलीम सन्नी की पत्नी सरिता के पास खाना खाने के बहाने आया। बाद में सलीम उसके पुत्र विवेक (5) व लक्ष्य (3) को पास की परचूनी की दुकान पर टॉफी दिलाने के बहाने ले गया। उसने विवेक को तो टॉफी दिलाने के बाद घर भेज दिया, लेकिन लक्ष्य को अगवा कर ले गया। लक्ष्य की मां सरिता ने बताया कि सलीम उसके पति सन्नी के साथ एक बार घर आया था।


सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दिखा अपहर्ता

उपअधीक्षक ग्रामीण राजेश वर्मा ने प्रेमप्रकाश आश्रम के सामने सरदार की होटल में जाकर सीसीटीवी फुटेज देखी तो सोमवार सुबह 11 बजकर 6 मिनट पर सलीम लक्ष्य को गोद में उठाकर ले जाता दिखा। इसके आधार पर भी जांच की जा रही है। पुष्कर थानाप्रभारी ने पूछताछ की तो पता चला के सलीम ने सन्नी के मोबाइल से मदंसौर बात की थी। मोबाइल डिटेल्स के आधार पर थानाप्रभारी महावीर शर्मा सहायक उपनिरीक्षक हंसपाल टीम सहित मंदसौर रवाना हो गए। वहीं मांगलियावास थानाप्रभारी अरविन्द के साथ सहायक उपनिरीक्षक नाथूलाल के साथ एक टीम चित्तौडगढ़़ रवाना कर दी गई। उप निरीक्षक हरजी राम के साथ एक टीम अजमेर व आसपास के सूनसान इलाकों में भेजी गई है। इसके अलावा पुष्कर के धोरो में व अन्य स्थानों पर तलाश की जा रही है।


बालक अपहरण की दूसरी वारदात

पुष्कर थाना इलाके में बालक के अपहरण की दूसरी वारदात है। इससे पहले गनाहेड़ा के सूरज रावत का अपहरण किया गया था। बाद में उसका शव मिला लेकिन अपहरण व हत्या का राज आज तक नहीं खुल पाया है।


बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कर रहे हैं काम

पुष्कर एवं आसपास के इलाकों में कई लोग नाम व पता बदलकर रह रहे हैं। इन्हें पुष्कर एवं आसपास की फैक्ट्रियों में काम भी मिल जाता है। इनका पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया जाता है। इनमें कई बांग्लादेशी भी हैं, जो कभी बड़ी वारदात कर सकते हैं।

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