इसके एक झटके से बरबाद हुए सैंकड़ों परिवार, आप भी पढ़ें यह मार्मिक खबर

. लोगों के घरों को रोशन करने वाला विद्युत करंट कर्मचारियों की जिंदगी में अंधरा ला रहा है।

By: सोनम

Published: 18 Aug 2017, 01:28 PM IST

अजमेर. लोगों के घरों को रोशन करने वाला विद्युत करंट कर्मचारियों की जिंदगी में अंधरा ला रहा है। अजमेर विद्युत वितरण निगम के ६० तकनीकी कर्मचारी पिछले करीब साढ़े तीन साल में करंट की भेंट चढ़ गए। जबकि इसी अवधि में १५४ तकनीकी कर्मचारी करंट की चपेट में आने से घायल व अपंग हो गए। किसी परिवार में पिता की मौत हो गई तो किसी में पुत्र करंट से मरा।

 

कुछ मामले तो एेसे भी सामने आए है जिसमें पिता की मौत के बाद अनुकम्पा के आधार पर नौकरी लगे पुत्र की भी जांच करंट ने ली। करंट से होने वाली आमजन की मौत का आंकड़ा तो और भी दंग करने वाला है। वर्ष २०१४ से जून २०१७ तक ८४० आमलोगों की जिंदगी को निगम की लापरवाही के करंट ने ले ली।

 

जबकि ३३० लोग करंट जनित हादशों का शिकार हो गए। बड़ी संख्या में ठेकाकर्मचारियों की करंट से होने वाली मौत तथा घायल होने का आंकड़ा तो निगम दर्ज ही नहीं करता। यदि निगम के गठन से अब तक का आंकड़ा देंखें तो १३ साल में २१०० कर्मचारी व आमजन की मौत हो चुकी है। देखा जाए तो १६१ प्रति व्यक्ति करंट से हर साल निगम क्षेत्र के जिलों में आने जान गंवा देतें।

मूक पशु चढ़ गए करंट की भेंट

तार टूटने, खंभे में करंट आने, ट्रांसफार्मर के पास करंट फैलने के कारण १ हजार ७४७ पशुओं ने भी अपनी जान इस साढ़े तीन वर्षं में गंवा दी। बड़े पैमाने पर करंट से कर्मचारियों, आमजन तथा पशुओं की हो रही मौत निगम के सुरक्षा के दावे की भी हवा निकाल रही है। करंट से मौत के मामलों में कार्यवाही केनाम पर कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारी को चार्जशीट जारी कर मामलों को रफादफा कर दिया जाता है। मुआवजा भुगतान के सैकड़ों मामले लम्बित चल रहे हैं।

साल दर साल दहलाते मौत के आंकड़ें

वर्ष २०१४-१५ में निगम के २४ कर्मचारियों की मौत हुई जबकि ५० कर्मचारी घायल हो गए। इस दौरान २६६ आम आदमी करंट की भेंट चढ़ गए जबकि ७७ गंभीर रुप से घायल हो गए। इस दौरान ७७२ पशुओं ने अपनी जान गंवाई। निगम ने २८३ मामलों में इस दौरान ३ करोड़ ५५ लाख २९ हजार २८४ रुपए के मुआवजे का भुगतान किया।
वर्ष २०१५-१६ में निगम के १६ कर्मचारियों की मौत हुई जबकि ५३ कर्मचारी घायल हो गए। इस दौरान २७७ आम आदमी करंट की भेंट चढ़ गए जबकि १३७ गंभीर रुप से घायल हो गए। इस दौरान ४३४ पशुओं ने अपनी जान गंवाई। २९७ मामलों में निगम ने २ करोड़ ४४ लाख ४७ हजार रुपए के मुआवजे का भुगतान किया।

वर्ष २०१६-१७ में निगम के १६ कर्मचारियों की मौत हुई जबकि ४१ कर्मचारी घायल हो गए। इस दौरान २५२ आम आदमी करंट की भेंट चढ़ गए जबकि ४१ गंभीर रुप से घायल हो गए। इस दौरान ५०५ पशुओं की करंट से मौत हो गई। २८३ मामलों में निगम ने २ करोड़ ९५ लाख ५ हजार ४५७ लाख रुपए का मुआवजा दिया।
वर्ष २०१७-१८ के तीन महीनों में ३ कर्मचारी करंट से मारे गए जबकि १० कर्मचारी घायल हो गए। इस दौरान ४४ आम आदमी करंट की भेंट चढ़ गए जबकि २९ गंभीर रुप से घायल हो गए। इस दौरान ३६ पशुओं ने अपनी जान गंवाई। ने निगम २४ मामलों में १ करोड़ ७४ हजार रुपए का मुआवजा दिया

 

घटने के बजाए बढ़ती गई करंट से मौतें
वर्ष 2004- 05करंट से अजमेर विद्युत वितरण निगम के अन्तर्गत आने वाले ११ जिलों में ७२ मौतें हुई। जबकि २००५-०६ में ७४, २००६-०७ में ८५, २००७-२००८ में ११४, २००९-१० में ११७, २०१०-११ में १२२, २०११-१२ में १५०, २०१२-२०१३ में १७३ २०१३-१४ में ३२९ तथा २०१४-१५ जून में करंट से ३५ मौतें हुई। कुल १३०० कर्मचारियों तथा आमजन की जिंदगी करंट की भेंट चढ़ गई। निगम ने इस दौरान १२ करोड़ ४३ लाख रुपए का मुआवजा दिया। य्

सोनम Reporting
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