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Marriage Ceremony: बैंड-बाजे संग बारात, धूमधाम से हुई शादियां

समारोह स्थलों पर डेढ़ साल बाद मेहमानों की भीड़ जुटी। हालांकि कई जगह मास्क लगाने, आयोजन स्थल पर सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं।

अजमेर

Published: November 15, 2021 08:47:58 am

अजमेर.

कार्तिक शुक्ल एकादशी पर शहर और जिले में बैंड-बाजे और शहनाई गूंजी। कोरोना संक्रमण की पाबंदी हटने के बाद लोगों ने धूमधाम से विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया। सड़कों पर बाराती बैंड की धुनों पर नृत्य करते दिखे। समारोह स्थलों पर डेढ़ साल बाद मेहमानों की भीड़ जुटी। हालांकि कई जगह मास्क लगाने, आयोजन स्थल पर सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं।
marriage ceremony
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कार्तिक शुक्ल एकादशी यानि देवऊठनी ग्यारस से शहर और जिले में शादियां हुई। अजमेर में सुबह से बैंड-बाजे और शहनाई गूंजी। कॉलोनियों-मोहल्लों में घोड़ी पर बैठकर दूल्हों की निकासी निकाली गई। वैशाली नगर, विजयलक्ष्मी गार्डन, आदर्श नगर, शास्त्री नगर, लोहागल रोड, धौलाभाटा, रामगंज-केसरगंज, मेयो लिंक रोड और अन्य इलाकों में गार्डन-समारोह स्थलों पर देर रात तक रौनक रही।
धूमधाम से हुई शादियां
कोरोना संक्रमण के चलते पिछले डेढ़ साल से विवाह-समारोह सादगी से हो रहे थे। पिछले दिनों सरकार के मेहमानों की संख्या से जुड़ी पाबंदी हटाई। इसके चलते शहर में धूमधाम से शादियां हुई। सड़कों और समारोह स्थलों पर ढोल-बैंड बाजे पर बाराती थिरकते नजर आए। मालूम हो कि अप्रेल-मई में लॉकडाउन के दौरान करीब 3.5 करोड़ की शादियां, मुंडन, गृह प्रवेश और अन्य समारोह कैंसिल हुए थे।
मास्क दिखे ना सोशल डिस्टेंसिंग
कोरोना गाइडलाइंस में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की गई है। लेकिन धूमधाम से हुई शादियों की मस्ती में लोग इसे भूल गए। मेरिज गार्डन और समारोह स्थलों पर कई लोग बगैर मास्क पहने दिखे। प्रीतिभोज, बारात स्वागत और अन्य कार्यक्रमों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं।
पिछले साल था ये हाल
पिछले साल देवऊठनी ग्यारस पर कोरोना संक्रमण का शादी-समारोह पर जबरदस्त असर था। बारात में 10 से 20 लोगों को बुलाया गया। दूल्हा-दुल्हन और मेहमान मास्क पहने दिखे। बारात स्वागत जैसी रस्में भी सीमित रहीं। रात्रिकालीन कफ्र्यू के कारण दिन में पाणिग्रहण संस्कार की रस्में अदा की गई।
खिले व्यवसायी-कारीगरों के चेहरे
पिछले डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण के चलते करीब 350 से 500 करोड़ रुपए तक का आर्थिक नुकसान झेलने वले बैंड-हलवाई-टेंट-कैटरिंग, फ्लावर डेकोरेशन, लाइट से जुड़े व्यवसायी और कारीगरों के चेहरे खिल उठे। घरों, समारोह स्थलों, वाहनों की सजावट की गई। सरकार के विवाह-समारोह मे मेहमानों से जुड़ी पाबंदी हटाने के बाद रोजगार धीरे-धीरे पटरी पर लौटेगा।

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