शहीद जवान के छोटे बेटे ने पूछा पापा को क्या हो गया मम्मी! पार्थिव देह को दोनों बेटों ने सेल्यूट किया तो छलक पड़ी हर शख्स की आंखें

लद्दाख में तैनात भोडक़ी निवासी विक्रम टैंक पलटने से हो गए थे शहीद, हादसे के चार दिन बाद पार्थिव देह पहुंची तो शोक में डूबा रहा पूरा गांव,परिजन व कई लोग करते रहे विलाप,भारत माता की जय और विक्रम सिंह अमर रहे के नारे भी गूंजते रहे।

By: suresh bharti

Published: 04 Mar 2021, 12:37 AM IST

झुंझुनूं/गुढ़ागौडज़ी. कभी परिवार का विलाप तो कभी भारत माता के जयकारे। तिरंगा यात्रा निकालते युवा तो नम आंखों से श्रद्धांजलि देते साथी। बुधवार को भोडक़ी गांव के लाडले शहीद विक्रम सिंह शेखावत की अंत्येष्टि से पहले कुछ ऐसा ही मार्मिक दृश्य रहा। अंतिम संस्कार स्थल पर दस और छह साल के दोनों बेटों ने शहीद पिता को अंतिम सेल्यूट किया तो हर किसी की आंखें नम हो गई।

लद्दाख में तैनात भोडक़ी निवासी विक्रम सिंह पुत्र घीसासिंह शनिवार को ड्यूटी के दौरान उनका टैंक नाले में गिर जाने से शहीद हो गए थे। उनकी पार्थिव देह बुधवार को पैतृक गांव भोडक़ी पहुंची, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

शहीद विक्रम सिंह की पार्थिव देह जैसे ही तिरंगे में लिपटकर उनके घर पहुंची तो परिजन बिलख पड़े, जिन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई। कोई शहीद वीरांगना प्रिया कंवर को संभाल रहा था तो कोई माता प्रेम कंवर को। ऐसे दृश्य को देखकर शहीद के दोनो बेटे भी फूट-फूटकर रोने लगे, जिन्हें बार-बार परिजन व ग्रामीण संभालते रहे।

साल 2002 में हुए थे भर्ती

शहीद विक्रम के बड़े भाई कानसिंह ने बताया कि विक्रम सिंह 12वीं पास कर 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। जो लद्दाख में 90 आम्र्ड रेजीमेंट में लांस नायक के पद पर कार्यरत थे। शनिवार रात पेट्रोलिंग के दौरान उनका टैंक नाले में गिर गया। उस दौरान हादसे में विक्रम सिंह शहीद हो गए। उनके दो बेटों में बड़ा बेटा हर्ष (10) चौथी कक्षा में पढता है। छोटा बेटा मानवेंद्र (6) एलकेजी में है। शहीद पिता को जैसे ही दोनों बेटो ने सलामी दी तो उस दौरान भारतमाता की जयकारों का उद्घोष गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने शहीद पिता को मुखाग्रि दी। सेना व पुलिस की टुकड़ी की ओर से गार्डस ऑफ ऑनर दिया गया।

डीजे पर गूंजता रहा तेरी मिट्टी में मिल जावां..

शहीद की पार्थिव देह झुंझुनूं से गुढागौडज़ी पहुंची जहां से पांच किमी दूर उनके गांव भोडक़ी तक युवाओं ने बाइक पर हाथों में तिरंगा लेकर रैली निकाली। उस दौरान भारतमाता के जयकारे व शहीद विक्रम सिंह अमर रहे के नारे लगातार लगते रहे। उस समय रैली में शामिल डीजे पर देशभक्ति गाना तेरी मिट्टी में मिल जावां.. गूंजता रहा।

छोटा बेटा पूछता रहा क्या हुआ पापा को ...

शहीद विक्रम सिंह की पार्थिव देह जैसे ही तिरंगे में लिपटकर उनके घर पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। हर कोई उस समय परिजन को संभालने में लगा हुआ था। इसी दौरान छोटा बेटा मानवेंद्र सिंह इस दृश्य को समझ नही पाया तो वह परिजनसे बार-बार यही पूछता रहा कि क्या हुआ पापा को

... इन्होंने की पुष्पांजलि अर्पित

शहीद विक्रमसिंह को प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग,सांसद नरेंद्र खीचड़, जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी, विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, जिला कलक्टर यूडी खान, एसपी मनीष त्रिपाठी,भाजपा नेता शुभकरण चौधरी, सीआई गुढा देवीसिंह,सैनिक कल्याण अधिकारी परवेज अहमद,डिप्टी सतपाल सिंह,जोधपुर शहर विधायक मनीषा पंवार,बीकानेर विधायक गजेंद्र सिंह, आंसिद विधायक जबरसिंह सांखला, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन मावंडिया, सीआई उदयपुरवाटी भगवानसहाय, एसडीएम राजेंद्र सिंह, सरपंच नेमीचंद जांगिड़, गिरधारीलाल गुप्ता, राजकुमार सैनी, ओमप्रकाश सोनी, कुरड़ाराम जाखड़ सहित कई लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वीरांगना को मिले सरकारी नौकरी

शहीद के भाई शायरसिंह,अमरसिंह व अन्य ने सरकार से मांग की है कि शहीद वीरांगना प्रिया कंवर को सरकारी नौकरी दी जाए। गांव के खेल स्टेडियम का नाम शहीद के नाम से हो तथा उसी स्टेडियम में शहीद विक्रम सिंह का स्मारक बनाया जाए।

suresh bharti Desk
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