MDSU: 7 करोड़ 40 लाख के लिए बेखबर, तीन माह बाद हो जाएंगे बेकार

raktim tiwari

Updated: 17 Nov 2019, 02:10:00 PM (IST)

Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) खुद को ‘अमीर’ समझता है। सरकार से अनुदान पेटे मिले 7 करोड़ 40 लाख रुपए छह महीने से खाते (account) में पड़े हैं। विश्वविद्यालय ने पदों के वर्गीकरण और अन्य प्रक्रिया अंजाम नहीं दी है। साथ ही जिला कोषालय से परीक्षण (examine) नहीं कराया है। ऐसा नहीं हुआ तो राशि अनुपयोगी रह जाएगी।

Read More: Birds Issue: अजमेर में भी आते हैं प्रवासी परिन्दे, नहीं है फिलहाल कोई खतरा

विश्वविद्यालय को सरकार से सालाना 3 करोड़ 60 लाख रुपए ही अनुदान मिलता है। जबकि शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतन-भत्तों (salary), सेवानिवृत्त कार्मिकों की पैंशन (pention)के रूप में विश्वविद्यालय को प्रतिमाह दो करोड़ रुपए देने होते हैं। पूर्व में आयोजित पीटीईटी, बीएसटीसी, आरपीएमटी, पीसीपीएमटी और अन्य परीक्षाओं से हुई आय विश्वविद्यालय की भविष्य निधि (fix deposit) के रूप में संचित है। इसके चलते उसका कामकाज चल रहा है। इस बार सरकार से विश्वविद्यालय को ग्रांट के रूप में 7.40 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। यह निजी निरपेक्ष खाता (पीडी एकाउंट) में जमा हैं। ना वर्गीकरण ना परीक्षण

Read More: Ajmer Dargah News : रंगून में बहादूर शाह जफर के मजार पर पेश होगी बंधेज की

नियमानुसार विश्वविद्यालय राशि का उपयोग वेतन-भत्तों के पेटे करना है। इसके लिए पदों का वर्गीकरण (classification)सहित जिला कोषालय के अनुरूप मदवार परीक्षण कराना है। लेकिन छह महीने से प्रशासन राशि को खाते में जमा किए बैठा है। बगैर वर्गीकरण-परीक्षण के राशि का उपयोग नहीं हो सकता है। हालांकि विश्वविद्यालय ने राशि की उपयोगिता को लेकर जयपुर स्थित वित्त विभाग (finance dept) से दो-तीन बार पत्र व्यवहार किया। अधिकारियों ने व्यक्तिगत मुलाकात की भी है।

Read More: नीदरलैंड की संस्था ने अजमेर के 75 स्कूलों को किए वैदिक साहित्य भेंट

कई बार रुक चुका है अनुदान

सरकार की शर्तों की अवहेलना पर विश्वविद्यालय का अनुदान (funding) कई बार रुक चुका है। वर्ष 2001 से 2003-04, 2011 से 2012-13 में भी सरकार ने अनुदान रोका था। लेकिन विश्वविद्यालय ने खुद को ‘अमीर’ मानते हुए परवाह नहीं की। फिर भी विश्वविद्यालय सरकारी अनुदान के लिए हर साल सरकार का मुंह देखता है।

कोषालय से मिल सकती है पगार!
राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों को अधिशेष राशि ब्याज सहित सरकार के पीडी खाते (PD Account) में रखने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय को अनुदान के पेटे मिले 7 करोड़ 40 लाख इसी खाते में जमा है। यह राशि जिला कोषालयों (treasury) के नियमानुसार परीक्षण कराने के बाद ही उपयोग हो सकेगी। ऐसे में विश्वविद्यालय के सभी स्टाफ (staff) को राज्य सरकार के कार्मिकों के अनुरूप जिला कोषालय से वेतन-भत्ते देने की जल्द शुरूआत हो सकती है।

Read More: मुख्यमंत्री 18 को अजमेर आएंगे, बच्चों व भामाशाहों को करेंगे सम्मानित

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned