MDSU: वाइस चांसलर की है निगाहें, कमेटी जुटी मामले की जांच में

कमेटी ने महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी बीकानेर से लखनऊ की फर्म के कामकाज की तथ्यात्मक जानकारी लेने पर सहमति जताई।

By: raktim tiwari

Updated: 06 Apr 2021, 08:30 AM IST

अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में परीक्षा फॉर्म भरवाने वाली फर्मों से जुड़ी शिकायत की जांच शुरू हो गई है। कुलपति द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय कमेटी ने चर्चा की। जल्द इसकी रिपोर्ट बनाकर कुलपति को दी जाएगी।

विवि को सत्र 2020-21 की सालाना परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरवाने हैं। बीती 16 मार्च निविदाएं मांगी गई। निविदा खुलने पर लखनऊ की फर्म को कामकाज सौंपा गया। इस फर्म के कामकाज पर सवालिया निशान लगाते हुए अजमेर की स्थानीय कंप्यूटर फर्म ने कुलपति और प्रशासन को शिकायत भेजी है। इसमें कहा गया है, कि लखनऊ की फर्म का कामकाज संतोषजनक नहीं रहा है।

कमेटी ने की चर्चा
कुलसचिव भागीरथ सोनी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुब्रतो दत्ता और प्रो. शिवदयाल सिंह की कमेटी ने फर्मों से जुड़े मामले पर चर्चा की। कमेटी ने महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी बीकानेर से लखनऊ की फर्म के कामकाज की तथ्यात्मक जानकारी लेने पर सहमति जताई।

...तो फॉर्म कब भरवाएगी यूनिवर्सिटी
जिस तरह फर्मों में निविदा हासिल करने को लेकर विवाद उपजा है, उससे परीक्षा फार्म प्रक्रिया में विलंब होता दिख रहा है। अप्रेल के पहले सप्ताह तक विवि ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरवाने का फैसला नहीं ले पाया है। यह साफतौर पर अफसरों की कारगुजारी, चहेती फर्मों को कामकाज सौंपने और जानबूझकर देरी करने का द्योतक है।

अफसरों से क्यों नहीं जवाब तलब...
कुलपति और कुलसचिव परीक्षा फार्म में हो रही देरी से वाकिफ है। इसके बावजूद परीक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन और अकादमिक विभाग से जवाब तलब नहीं किया जा रहा। राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में फार्म भरने का काम 70 से 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। कोरोना संक्रमण के चलते हालात खराब हो रहे हैं। फिर भी मदस विवि बेपरवाह है।

raktim tiwari Reporting
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