MDSU: स्टूडेंट्स को मिलेंगे प्रमोट सर्टिफिकेट, लिखी होगी ये लैंग्वेज...

प्रथम, द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर पूर्वाद्ध के विद्यार्थी हुए हैं प्रमोट।

By: raktim tiwari

Published: 24 Jan 2021, 09:45 AM IST

अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष सहित स्नातकोत्तर पूर्वाद्र्ध के प्रमोट हुए विद्यर्थियों के प्रमोट सर्टिफिकेट बनाने शुरू कर दिए हैं। इन्हें अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक और नागौर के सम्बद्ध कॉलेज में भेजा जाएगा। वेबसाइट पर भी सर्टिफिकेट अपलोड किए जाएंगे।

परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुब्रतो दत्ता ने बताया कि बीते साल लॉकडाउन औरकोरोना वायरस संक्रमण के चलते राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष स्नातकोत्तर पूर्वाद्ध के विद्यार्थियों को प्रमोट करने के आदेश दिए थे। इसके तहत विश्वविद्यालय सर्टिफिकेट तैयार करने में जुटा है। कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के पास सर्टिफिकेट शीघ्र कॉलेज में भेजे जाएंगे। मालूम हो कि यूजीसी और सरकार के निर्देश पर तृतीय वर्ष और पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराई गई हैं।

वेबसाइट पर होंगे अपलोड
प्रो. दत्ता ने बताया कि प्रमोट सर्टिफिकेट वेबसाइट पर भी अपलोड किए जाएंगे। विद्यार्थी इन्हें ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। सर्टिफिकेट में कोविड-19 सहित उच्च शिक्षा विभाग के नियमों का जिक्र किया गया है।

यह थी कमेटी की सिफारिश...
सरकार ने जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पी. सी. त्रिवेदी, राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आर. के. कोठारी, उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव, डॉ. मोहम्मद नईम और अन्य की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने स्नातक द्वितीय, तृतीय वर्ष और स्नातकोत्तर पूर्वाद्ध विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोशन और प्रोविजनल प्रवेश की सिफारिश की थी। इसके अलावा सत्र 2020-21 में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने की सिफारिश की थी।


ऐसे बनाएंगे लेक्चरर, हिंदी के सिलेबस में ढेरों गलतियां

रक्तिम तिवारी/अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग की सहायक आचार्य भर्ती-2020 के तहत हिंदी विषय के पाठ्यक्रम पर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां जताई है। अभ्यर्थियों ने पाठ्यक्रम में कई विसंगतियां बताते हुए इन्हें दुरुस्त करने की मांग की है।

आयोग ने सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा) भर्ती-2020 के तहत 31 विषयों के पाठ्यक्रम वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। इनमें हिंदी विषय का पाठ्यक्रम भी शामिल है। अभ्यर्थियों ने हिंदी के पाठ्यक्रम में कई विसंगतियां बताई हैं। इससे परीक्षार्थियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इस बारे में आयोग सचिव शुभम चौधरी से संपर्क किया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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raktim tiwari Reporting
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