MDSU: सिरदर्द बनेगा निलंबित वाइस चांसलर, ये है इसकी खास वजह

नियमानुसार घूसकांड अथवा अन्य मामलों में निलंबित होने पर सरकारी, कर्मचारी, अधिकारी को संबंधित मुख्यालय, जिला कलक्टर/संभागीय आयुक्त के यहां उपस्थिति देनी होती है।

By: raktim tiwari

Published: 22 Feb 2021, 09:03 AM IST

अजमेर.

हाईकोर्ट से बर्खास्तगी आदेश रद्द कराने वाले रामपाल सिंह की उपस्थिति भी राजभवन और सरकार का सिरदर्द बढ़ाएगी। निलंबन काल में उसका मुख्यालय कहां रहेगा यह कुलाधिपति और सरकार को जल्द तय करना होगा।

एसीबी ने बीते वर्ष 7 सितंबर को रामपालसिंह (निलंबित कुलपति) सहित उसके बॉडीगार्ड (दलाल) रणजीत सिंह तथा निजी कॉलेज प्रतिनिधि महिपाल को 2.20 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया था। राज्यपाल कलराज मिश्र ने 10 सितंबर को विश्वविद्यालय की विधियां (संशोधन) विधेयक 2019 के तहत उसे निलंबित किया और 9 दिसंबर को उसे बर्खास्त कर दिया। लेकिन हाल में राजस्थान हाईकोर्ट ने उसकी बर्खास्तगी को रद्द कर दिया। लेकिन निलंबन बरकरार रखा है।

कहां देगा निलंबनकाल में उपस्थिति
नियमानुसार घूसकांड अथवा अन्य मामलों में निलंबित होने पर सरकारी, कर्मचारी, अधिकारी को संबंधित मुख्यालय, जिला कलक्टर/संभागीय आयुक्त के यहां उपस्थिति देनी होती है। इसके आधार पर निलंबन काल में उसे 50 प्रतिशत वेतन मिलता है। रामपाल कुलपति पद पर रहते निलंबित हुआ है। लिहाजा उसका सरकार और राजभवन को उसका मुख्यालय तय करना जरूरी होगा।

यहां दे सकता है उपस्थिति
विवि का मैनेजमेंट विभाग का पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.सतीश अग्रवाल भी घूसकांड के चलते निलंबित है। वह भी संभागीय आयुक्त कार्यालय में उपस्थिति दे रहा है। लिहाजा सरकार और राजभवन के आदेश पर रामपाल राजभवन, उच्च शिक्षा विभाग अथवा संभागीय आयुक्त कार्यालय पर उपस्थिति दे सकेगा।

अब चलेगी बर्खास्तगी की कार्रवाई
हाईकोर्ट ने राजभवन और सरकार को रामपाल को सुनवाई का अधिकार देते हुए बर्खास्तगी की विधिक प्रक्रिया अपनाने को कहा है। लिहाजा सरकार और राजभवन विश्वविद्यालय की विधियां (संशोधन) विधेयक 2019 नियम की उपधारा (1) के तहत बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी शुरू करेगी।

raktim tiwari Reporting
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