MDSU: दो घंटे का होगा पेपर, 60 प्रतिशत करने होंगे प्रश्न

कुलपति ओम थानवी की अध्यक्षता में आयोजित एकेडेमिक कौंसिल की बैठक में प्रस्ताव को यथावत मंजूरी दी गई। इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर विषयों की परीक्षाएं शामिल हैं।

By: raktim tiwari

Published: 08 Apr 2021, 08:30 AM IST

अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय और सम्बद्ध कॉलेज की सालाना परीक्षा में दो घंटे का पेपर और विद्यार्थियों को 60 प्रतिशत प्रश्न करने होंगे। एम.ए.जेएमसी पाठ्यक्रम को नियमित पाठ्यक्रम के रूप में चलेगा। इसके अलावा परीक्षा फार्म भरवाने की शुरुआत जल्द होगी। एकेडेमिक कौंसिल की 65 वीं बैठक में यह फैसले लिए गए।

उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के विश्वविद्यालयों में सत्र 2020-21 की सालाना परीक्षाओं को लेकर पत्र भेजा था इसमें कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालयों को दो घंटे का पेपर और 60 प्रतिशत प्रश्न रखने को कहा गया। कुलपति ओम थानवी की अध्यक्षता में आयोजित एकेडेमिक कौंसिल की बैठक में प्रस्ताव को यथावत मंजूरी दी गई। इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर विषयों की परीक्षाएं शामिल हैं।

विवि के अधीन होगा योग विभाग
योग एवं मानवीय चेतना विभाग अब विश्वविद्यालय के अधीन होगा। विवि के शिक्षक को इसका विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा। इसमें गेस्ट फेकल्टी से अध्यापन कराया जाएगा। मालूम कि विवि में वर्ष 1997-98 से बेंगलूरू के विवेकानंद शोध संस्थान के साथ एमओयू आधार पर योग विभाग संचालित है। इसमें अनुबंध के आधार पर वहीं के शिक्षक अध्यापन करा रहे हैं।

बगैर संसाधन नहीं चलेंगे कोर्स
विवि ने 12 मार्च 2020 को आयोजित एकेडेमिक कौंसिल में कई कोर्स पारित किए थे। इन्हें सत्र 2020-21 से चलाया जाना था। लेकिन कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते कमी से कोर्स नहीं चल पाए। इनमें डी-फार्मा और बी-फार्मा कोर्स, एमएससी फिजिक्स, बीएफए, एमएफए और अन्य कोर्स शामिल थे। एकेडेमिक कौंसिल ने बगैर संसाधनों के कोर्स नहीं चलाने का फैसला लिया।

यह भी लिए फैसले
सालाना परीक्षा फार्म जल्द भरवाने की होगी शुरुआत
शोध पर्यवेक्षकों का संक्षिप्त बायोडाटा और शोध कार्य की जानकारी
एमए जेएमसी पाठ्यक्रम एसएफएस के बजाय चलेगा नियमित पाठ्यक्रम के रूप में
कॉलेज की सम्बद्धता मामलों में उच्च स्तरीय समिति करेगी एनओसी और अन्य जांच

उठे 64 वीं बैठक के मुद्दे
निलंबित पूर्व कुलपति रामपाल सिंह ने 31 अगस्त 2020 को एकेडेमिक कौंंसिल की 64 वीं बैठक कराई थी। इसमें बीएससी बायलॉजी और बीएससी गणित कोर्स, नेट/जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के पीएचडी रजिस्ट्रेशन, जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में प्रवेश योग्यता 45 प्रतिशत करने, छह महीने पूर करने वाले शोधार्थियों को पीएचडी थीसिस जमा कराने, शिक्षा संकाय में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के बीए/बीएससी बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने पर चर्चा हुई। लेकिन इस बैठक के मिनिट्स बनने से पहले वह घूसकांड में फंस गया। बुधवार को आयोजित बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की गई।

raktim tiwari Reporting
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