दावों का दम निकला, बिजली की चोरी जिला अव्वल

जनवरी से अगस्त तक के चोरी के आंकडों ने व्यवस्थाओं की पोल

जिले में बिजली चोरों के आगे विद्युत निगम की तमाम कोशिशें फेल नजर आ रही है। ऐसे में बिजली की छीजत रोकने के लिए स्थानीय विद्युत वितरण निगम ने कटौती का रास्ता भी अपनाया लेकिन स्थिति में कोई भी सुधार नहीं हुआ। यहां तक कि हमले के भय से विजलेंस दल भी बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। ऐसे में केवल चुनिंदा स्थानों पर कार्रवाईयों करते हुए औपचारिकता की पूर्ति की जा रही है। जिसके चलते बिजली चोरों का हौंसला बुलंदियों पर है।

By: Dilip

Updated: 23 Sep 2020, 11:59 PM IST

धौलपुर. जिले में बिजली चोरों के आगे विद्युत निगम की तमाम कोशिशें फेल नजर आ रही है। ऐसे में बिजली की छीजत रोकने के लिए स्थानीय विद्युत वितरण निगम ने कटौती का रास्ता भी अपनाया लेकिन स्थिति में कोई भी सुधार नहीं हुआ। यहां तक कि हमले के भय से विजलेंस दल भी बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। ऐसे में केवल चुनिंदा स्थानों पर कार्रवाईयों करते हुए औपचारिकता की पूर्ति की जा रही है। जिसके चलते बिजली चोरों का हौंसला बुलंदियों पर है।

जिले के बिजली विभाग के आंकडों पर नजर डाले तो जनवरी से अगस्त तक धौलपुर जिलेभर मेें ४९.९४ प्रतिशत बिजली की चोरी होना दर्ज किया गया है है। इसमें सबसे अधिक बिजली चोरी कस्बा बसेड़ी क्षेत्र में ७५.३२ प्रतिशत है, जबकि कस्बा बाड़ी ५५.९८ प्रतिशत बिजली चोरी के मामले सामने आए। सैपऊ उपखण्ड में ४७.५५ प्रतिशत, सरमथुरा में ५५.८३, धौलपुर शहर ४३.०७, धौलपुर ग्रामीण ४६.१२, कस्बा राजाखेड़ा ४४.१४ प्रतिशत चोरी होना सामने आया है। जिले में लगातार बढ़ रही बिजली चोरी को रोक पाने में नाकाम स्थानीय निगम ने अब बिजली की छीजत कम करने के कटौती का रास्ता अपनाया, इसके तहत ५० प्रतिशत से अधिक वाले फीडरों पर बिजली कटौती को योजना तैयार भी की गई। लेकिन स्थिति कुछ दिनों बाद पहले जैसे ही हो गई।
चोरी रोकने में नाकाम निगम

बिजली चोरी करने वाले लोग बिना किसी भय के बिजली चोरी करने में लगे हुए है। शहर के अधिकांश आवासीय कॉलोनियों में उपभोक्ताओं ने अपने मकान के सामने से निकल रही विद्युत लाइन पर जम्फर डाल देते हैं, इस दौरान मकान के एसी, कूलर, हीटर सहित अनेक विद्युत उपकरणों का जमकर उपयोग करते हैं। कई उपभोक्ता तो दादागिरी से दिन में भी जम्फर नहीं हटाते हैं। ऐसे में बिजली चोरी पर की जाने वाली कार्रवाईयों के दौरान विद्युत दल को विरोध का सामना करना पड़ता है। जिलेभर में नए बिजली कनेक्शन के लिए शिविर भी लगाएं गए, लेकिन यहां भी कोई सफलता नहीं मिल सकी। केवल नाममात्र के उपभोक्ताओं की ओर से शिविर में कनेक्शन कराए गए।

पांच महीने में पकड़े ३३३२ बिजली चोरी के मामले
प्रदेश में बिजली चोरी में अव्वल बने धौलपुर जिले में निगम निगम के सर्तकता दस्ते की ओर से जिले भर में बिजली चोरों पर कार्रवाई करते हुए पांच माह में ३३२२ चोरी के मामले पकड़े गए। इसमें सबसे अधिक मामले जिला मुख्यालय पर करीब साढ़े नौ सौ मामले है। पकड़े गए बिजली चोरी के मामलों पर करीब ८ करोड़ रुपए जुर्माना लगाया है। जिसमें से अभी तक मात्र ढाई करोड़ की वसूली की जा चुकी है, शेष में निगम की ओर से मामले दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएंगी।

इनका कहना

बिजली चोरी रोकने के लिए निगम के प्रयास जारी है। सर्तकता बढ़ाई जाएगी।

राम प्रवेश प्रसाद, कार्य वाहक अधीक्षण अभियंता, धौलपुर

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