scriptMother fainted after seeing dead bodies of children | थोड़ी देर पहले जिन्हें दूध पिलाया, उनके शव देखकर मां हुई निढाल | Patrika News

थोड़ी देर पहले जिन्हें दूध पिलाया, उनके शव देखकर मां हुई निढाल

चंद मिनट पहले ही जिगर के टुकड़ों को दूध पिलाया था। अचानक ऐसा क्या हुआ कि वह अब इस दूनिया में नहीं हैं। ब्यावर अस्पताल में भर्ती दो नवजात की झुलसने से हुई मौत के बाद दोनों बच्चों की मां का रो-रो कर बुरा हाल है।

 

अजमेर

Published: April 19, 2022 02:50:16 pm

ब्यावर. चंद मिनट पहले ही जिगर के टुकड़ों को दूध पिलाया था। अचानक ऐसा क्या हुआ कि वह अब इस दूनिया में नहीं हैं। ब्यावर अस्पताल में भर्ती दो नवजात की झुलसने से हुई मौत के बाद दोनों बच्चों की मां का रो-रो कर बुरा हाल है। वह बार-बार यही सवाल कर रही है कि उनके लख्ते जिगर की मौत का जिम्मेदार कौन है।
थोड़ी देर पहले जिन्हें दूध पिलाया, उनके शव देखकर मां हुई निढाल
थोड़ी देर पहले जिन्हें दूध पिलाया, उनके शव देखकर मां हुई निढाल
घटना ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल की है। यहां सोमवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक एसएनसीयू वार्ड में नर्सिंग स्टाफ की भाग दौड बढी, कुछ ही देर में चिकित्सक भी दौड़ते हुए वार्ड में पहुंचे। पुलिस की गाडियां और अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे तो दिल की धड़कन बढ गई। अनहोनी के डर से सब माताएं बैचेन हो गईं। आते-जाते स्टाफ से बस एक ही सवाल था कि अंदर ऐसा क्या हो गया। हर कोई अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता में डूब गया और सब वार्ड के बाहर ही बैठ गए। इस बीच माया व पूजा को अंदर बुलाया एवं दोनों के बच्चों के सीरियस होने की जानकारी दी। बाद में उनकी मौत की खबर सुनकर पूजा व माया वहीं बेंच पर निढाल होकर गिर पडीं। उनकी समझ में नहीं आया कि चंद मिनट में ही उनके बच्चों को ऐसा क्या हो गया। वो बार-बार नर्सिंग स्टाफ से अपने बच्चों को दिखाने की जिद करने लगीं। हाथ पैरों से जैसे जान ही निकल गई। वो फिर बैंच पर रोते-रोते ऐसे गिरीं कि वापस उठने की हिम्मत ही नहीं रही। उन्हें हिम्मत बंधवाने स्टाफ पहुंचा तो उनकी आंखें भी भर आईं।

पहला ही बच्चा था माया का
सुरेन्द्र ने बताया कि 14 अप्रेल को माया ने सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म दिया। उनके घर में पहला ही बच्चा होने से खुशियां छाई थीं। बच्चे के सांस लेने में परेशानी होने की बात कहकर गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया। सुरेन्द्र ने बताया कि बच्चे ने आराम से दूध पिया था। वो सही था कि अचानक ऐसा क्या हो गया।

सात तारीख से थी भर्ती
ओमप्रकाश ने बताया कि पूजा ने 7 अप्रेल को बच्ची को जन्म दिया। उसे गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया। इसके बाद से ही बच्ची का उपचार चल रहा था। उसे शाम को दूध पिलाया था। दूध पिलाकर बाहर आए तो ऐसा कुछ भी नहीं लगा। बाद में अचानक बोला कि बच्चों के करंट आ गया।

नवजात को देखने तरसी आंखें, बहते रहे आंसू

घर में आए नए मेहमान की खुशियां मना रहीं माताओं को जैसे ही नवजात गहन शिशु इकाई में हुए हादसे का पता चला तो एकबारगी उनकी सांसें थम गईं। घटना के बाद गहन शिशु इकाई में करीब 20 नवजात भर्ती थे। इनमें से 18 नवजात पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। अपने बच्चों की चिंता में प्रसूताएं वार्ड से गहन शिशु इकाई के बाहर आकर खड़ी हो गईं और वार्ड के बाहर तैनात पुलिस को देख घबरा गई। वे आने-जाने वाले हर व्यक्ति से पूछती रही कि अंदर क्या हुआ है? लेकिन कोई भी संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर उनकी चिंता बढ़ती गई। करीब डेढ़ घंटे बाद जब पूरे मामले का खुलासा हुआ तो कई प्रसूताएं रोने लगी। मौजूद पुलिस व चिकित्साकर्मियों से एक बार अपने बच्चे को देखने की विनती करने लगीं। घटनाक्रम की पूरी जानकारी मिलने पर मौजूद कर्मचारियों को परिजन के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। सिटी थानाधिकारी संजय शर्मा ने नवजात के परिजन को समझाया और एक-एक करके अपने शिशु को देखने के लिए चिकित्सा इकाई में भेजा। सभी अपने-अपने बच्चों को सुरक्षित देखा तब जाकर उनका मन शांत हुआ।
हर दो घंटे में बच्चों को दूध पिलाने की अनुमति
7 बजे अपने बच्चों को दूध पिलाकर वापस वार्ड में लौटी प्रसूताओं की चिंता तब बढ़ी जब 9.30 बजे उन्हें अंदर जाने से रोका गया। वार्ड के बाहर तैनात पुलिस को देख प्रसूताओं के मन में कई सवाल खड़े हो रहे थे। वे बार-बार अंदर जाने का आग्रह करती रहीं, लेकिन गहन शिशु इकाई की जांच होने के कारण उन्हें 10 बजे बजे तक अंदर जाने से रोका गया।

बच्चे को देखा तब मिला सुकून

बच्चे को पीलिया की शिकायत थी। छुट्टी के कुछ दिन बाद ही उसे भर्ती कराया। अचानक अधिकारी पहुंचे और हमें मिलने से रोका तो चिंता बढ़ गई। जब शिशु वार्ड में बच्चे को देखा तो जान में जान आई। अस्पताल की घटना बहुत दुखद है।
- वीना, ब्यावर


काटती रही चक्कर

चार दिन से बच्चा भर्ती है। हर दो घंटे में दूध पिलाने के लिए शिशु वार्ड में आ रही थी। 9 बजे आई तो अंदर जाने से रोका। तब से बाहर बैठी रही। 10 बजे तक अंदर नहीं जाने दिया तो चिंता हुई। अस्पताल में भीड़ होने से मन विचलित हो रहा है। दो बच्चों को मृत्यु की बात सुनी तो बड़ा दुख हुआ।
- शहनाज, मसूदा

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत

बड़ी खबरें

IPL 2022 MI vs SRH Live Updates : रोमांचक मुकाबले में हैदराबाद ने मुंबई को 3 रनों से हरायामुस्लिम पक्षकार क्यों चाहते हैं 1991 एक्ट को लागू कराना, क्या कनेक्शन है काशी की ज्ञानवापी मस्जिद और शिवलिंग...जम्मू कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों ने शराब की दुकान पर फेंका ग्रेनेड,3 घायल, 1 की मौतमॉब लिंचिंग : भीड़ ने युवक को पुलिस के सामने पीट पीटकर मार डाला, दूसरी पत्नी से मिलने पहुंचा थादिल्ली के अशोक विहार के बैंक्वेट हॉल में लगी आग, 10 दमकल मौके पर मौजूदभारत में पेट्रोल अमेरिका, चीन, पाकिस्तान और श्रीलंका से भी महंगाकर्नाटक के राज्यपाल ने धर्मांतरण विरोधी विधेयक को दी मंजूरी, इस कानून को लागू करने वाला 9वां राज्य बनाSwayamvar Mika Di Vohti : सिंगर मीका का जोधपुर में हो रहा स्वयंवर, भाई दिलर मेहंदी व कॉमेडियन कपिल शर्मा सहित कई सितारे आए
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.