क्रिएटिविटी का ऐसा जुनून सवार की राजस्थान के इस छोरे ने मात किया अच्छे-अच्छे टेक्नीशियन्स को

क्रिएटिविटी का ऐसा जुनून सवार की राजस्थान के इस छोरे ने मात किया अच्छे-अच्छे टेक्नीशियन्स को

Sonam Ranawat | Publish: Jul, 13 2018 09:39:01 PM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

अगर कुछ कर दिखाने का जुनून हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। भगवान हर इंसान को किसी न किसी हुनर से नवाजता है,

 

सोनम राणावत/अजमेर. अगर कुछ कर दिखाने का जुनून हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है। भगवान हर इंसान को किसी न किसी हुनर से नवाजता है, कोई अपने हुनर को उजागर नहीं कर पाता, तो कोई दिन रात एक कर उस हुनर को मुकाम तक पहुंचाने की कोशिश में लग जाता है। ऐसा ही एक हुनरमंद अजमेर में भी है जिसने अपने हुनर को तराशकर अपने व्यवसाय में शामिल किया। पच्चीस वर्षीय मोहम्मद अवेश टू व्हीलर व फोर व्हीलर वाहनों को अपने स्वयं के प्रयोग से मॉडिफाय कर नया लुक दे रहे हैं। खास बात यह है कि वे घर में काम आने वाले वेस्ट मटेरियल जैसे रसोई में काम आने वाले सॉस पैन, स्टोव की टंकी, थाली, पुराने नट बोल्ट, औजार इत्यादि का प्रयोग कर रहे हैं।

 

 

multi talented boy avesh is modified bikes and cars in city

कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं

अवेश ने बताया कि उसने किसी भी तरह की तकनीकी शिक्षा में डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त नहीं की है। बल्कि डीबीएन स्कूल से बारहवीं व दयानंद कॉलेज से कला संकाय में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। अवेश का कहना है कि यदि काम अपनी रुचि का हो तो किसी भी डिप्लोमा या डिग्री की जरूरत नहीं पड़ती है।

 

बारह वर्ष की उम्र में बनाई साइकिल
अवेश ने बताया कि उसने बारह वर्ष की आयु में सबसे पहले खुद की साइकिल को मॉडिफाय कर एन्टिक लुक दिया था तभी से उसका रुझान गाडिय़ों को मॉडिफाय करने के काम में हो गया था। इसके बाद हर दिन नये प्रयोग करता जा रहा हूं। अवेश ने बताया कि वह रोज की तकरीबन दो से तीन बाइक को अलग-अलग पाट्र्स जोड़कर नया लुक देता है।

 

अपनी मेहनत पर विश्वास

अवेश का कहना है कि वह सुबह से देर रात तक अकेले ही वर्कशॉप में गाडिय़ों का काम करता है और खुद की मेहनत पर विश्वास करते हुए किसी भी हैल्पर की मदद नहीं लेता। इससे काम अपनी मन मुताबिक होता। यहां तक कि वह इस काम में अपने परिवार के लोगों को भी परेशान नहीं करता।

 

 

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मल्टी टेलेंटेड

अवेश ने बताया कि उसको हर काम में क्रिएटिविटी पसंद हैं। मॉडिफिकेशन के काम के अलावा वह पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, इंटीरियर डेकोरेशन के साथ ही खुद के कपड़ों की सिलाई भी खुद करना पसंद करता है।

 

पिता से मिली प्रेरणा

अवेश ने बताया कि उनके पिताजी एचएमटी में मशीन इंस्पेक्टर की पोस्ट पर कार्यरत थे जिन्हें देखकर उसने बचपन से ही मशीनरी की जानकारी हासिल की और इसी क्षेत्र में अपना खुद का काम पहले शौकिया तौर पर शुरू कर उसे व्यवसायिक अंजाम दिया। अवेश के अनुसार युवाओं में अट्रेक्टिव दिखने वाली बाइक्स का काफी चलन इन दिनों देखने को मिल रहा है। ऐसे में उसे इस काम से अच्छी आमदनी भी हो जाती है।

 

इन गाडिय़ों को दिया नया लुक

अवेश का कहना है कि वह अब तक तकरीबन दौ सौ से अधिक गाडिय़ों को वे मॉडिफाय कर चुका है। इसमें खासतौर पर रॉयल एनफील्ड, केटीएम, हीरोहोण्डा, स्कूटी पैप, बजाज स्कूटर आदि शामिल हैं । इसके साथ ही एक इंच की सबसे छोटी बाइक से लेकर वेस्ट टूल्स (बोल्ट, पेच, पाने ) से खूबसूरत बाइक बना डाली। इसके साथ ही हेलमेट में भी अनूठा प्रयोग किया है, जिसमें फाइबर शीट्स व डेकोरेटिव लाइट व सींग लगाकर आकर्षक हेलमेट बनाए हैं।

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