एफआईआर में नाम. .नैतिकता के नाम पर छोड़ा काम!

सरकारी मुकदमों की सुनवाई से हटी अति.राजकीय अधिवक्ता पूनम माथुर

-राजस्व मंडल प्रशासन को भेजा पत्र

रेवन्यू बोर्ड घूसकांड

By: bhupendra singh

Published: 16 Apr 2021, 08:03 PM IST

अजमेर. राजस्व मंडल घूसकांड की एफआईआर में नाम आने के बाद अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता पूनम माथुर ने गुरूवार को सरकार के मुकदमों में पैरवी करने से इनकार करते हुए राजस्व मंडल प्रशासन को पत्र भेजा। माथुर के अनुसार समाचार पत्रों के जरिए उन्हें स्वयं का नाम एसीबी की एफआईआर acb FIR में होना पचा चला। हालांकि अब तक एसीबी की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद नैतिक दायित्व morality समझते हुए अपनी उपस्थिति राजकीय अधिवक्ता के लिए नहीं देना चाहती। अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता के पत्र के अब राजस्व मंडल अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता के पद का दायित्व उप राजकीय अभिभाषक में से वरिष्ठ को सौंपेगा।

4 उप राजकीय अभिभाषक करेंगे पैरवी
राजस्व मंडल में राजकीय अधिवक्ता व अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता के 1-1 पद सहित उप राजकीय अधिवक्ता के चार पद स्वीकृत हैं। राजकीय अधिवक्ता का पद रिक्त है। अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता अब सरकारी मुकदमों की पैरवी से हट गई हैं। अब चार उप राजकीय अधिवक्ता ही सरकारी मुकदमों की पैरवी करेंगे। ऐसे में सरकारी मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होगी।

एडवर्स ऑर्डर नहीं किए जाएं
राजस्थान रेवन्यू बार एसोसिएशन ने कोविड-19 महामारी के के चलते राजस्व मंडल अध्यक्ष को पत्र लिखकर राजस्व मंडल व अधीनस्थ राजस्व अदालतों में नए प्रकरण, एडमीशन स्टेज, राजीनामा, विड्रॉल आदि प्रकरणों का निस्तारण दोनों पक्षों की सहमति से सुनवाई कर निस्तारण करने का अनुरोध किया है। पत्र में कोई भी प्रकरण एक्स पार्टी, डी.डी. एवं पक्षकार व अभिभाषक की अनुपस्थिति में एडवर्स ऑर्डर नहीं किए जाने का उल्लेख भी किया गया है। राजस्व बार ने नई गाइड लाइन जारी करने की भी मांग की है।

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