नवरात्र कल से : पंडाल सजेंगे न ही रामलीला होगी

इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मातारानी

 

By: baljeet singh

Updated: 16 Oct 2020, 12:43 AM IST

अजमेर. शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्र शनिवार से शुरू होंगे। इसकी तैयारियां जोरों पर है। देवी भागवत के अनुसार इस बार शनिवार क ो घट स्थापना होने से देवी क ा वाहन शेर की जगह घोड़ा रहेगा। इस बार कोरोना के चलते मंदिरों में सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे। मातारानी के पंडाल भी नहीं सजेंगे। ना रामलीला होगी ना ही बड़े स्तर पर रावण दहन होगा। मंदिरों की जगह मन मंदिर व घरों में माता की नौ दिन तक पूजा होगी। ज्योतिष व कर्मकांड से जुड़े पुरोहितों के अनुसार हिन्दू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व होता है। नवरात्र मां नवदुर्गा की उपासना का पर्व है। यह हर साल श्राद्ध खत्म होते ही शुरू होता है, लेकि न इस बार अधिक मास लगने के क ारण नवरात्र 25 दिन देरी से शुरू हो रहे हैं।

नवरात्र 17 से 25 अक्टूबर तक रहेंगे। इस बार दशहरा भी 25 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। शनिवार को प्रतिपदा यानी पहली तिथि में घट स्थापना होगी। इसके बाद 18 क ो नवरात्र क ा दूसरा दिन, 19 क ो तीसरा, 20 क ो चौथा, 21 क ो पांचवां, 22 छठा, 23 क ो सातवां दिन रहेगा। 24 तारीख क ो सूर्योदय के वक्त अष्टमी और 25 क ो सूर्योदय क ालीन नवमी तिथि रहेगी। इसलिए धर्मसिंधु ग्रंथ के अनुसार, रविवार दिन शाम के समय यानी विजय मुहूर्त में दशमी तिथि होने से 25 अक्टूबर क ो दशहरा पर्व मनाना चाहिए।

दमकेगा बाजार

17 अक्टूबर से नवरात्र प्रारंभ हो रहा है. इसके साथ ही प्रॉपर्टी, वाहन, गहने, कपड़े और अन्य वस्तुओं क ी खरीदारी के लिए नवरात्र में हर दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। इस बार सर्वार्थसिद्धि योग में नवरात्र शुरू हो रहे है। नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना शुभ मुहूर्त में होगी। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है, जो पूजा उपासना में अभीष्ट सिद्धि देगा। साथ ही दशहरे तक खरीदारी के लिए त्रिपुष्कर, सौभाग्य और रवियोग जैसे खास मुहूर्त भी रहेंगे।

baljeet singh Desk
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