New change: स्टूडेंट्स ले रहे सलाह, बेहतर प्लेसमेंट का है टार्गेट

कोरोना से पैकेज और नए रोजगार पर काफी असर पड़ा है। अगले साल के प्लेसमेंट को लेकर स्टूडेंट्स ने परामर्श लेना शुरू किया है।

By: raktim tiwari

Published: 25 Oct 2020, 05:49 PM IST

अजमेर.

कोरोना संक्रमण से बीते सात महीने में कैंपस प्लेसमेंट पर व्यापक असर पड़ा है। कई इंस्टीट्यूट में ऑनलाइन जॉब फेयर हुए, लेकिन युवाओं-विद्यार्थियों को पैकेज कम मिले हैं। अब अगले साल के प्लेसमेंट को लेकर स्टूडेंट्स ने विशेषज्ञों/शिक्षकों से सलाह लेनी शुरू की है।

आईआईएम, एनआईटी सहित देश के केंद्रीय/राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, प्रबंधन और तकनीकी संस्थानों में लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। देश-विदेश की प्रतिष्ठित कम्पनियों में फरवरी- मार्च तक कैंपस प्लेसमेंट हुए थे। इनमें बी.टेक, एमटेक, मैनेजमेंट, नियमित डिग्री कोर्स के अंतिम वर्ष में पढऩे वाले विद्यार्थी हैं।

इन क्षेत्रों के लिए कैंपस प्लेसमेंट
बैंकिंग, बीमा, ऑटोमोबाइल, रिटेल, सर्विस सेक्टर, प्रोडक्शन, सिविल और कंस्ट्रक्शन, मेडिकल एन्ड हैल्थ, सप्लाई सिस्टम और अन्य

इन पदों के लिए प्लेसमेंट
सीनियर क्रेडिट रिस्क एनालिस्ट-सीनियर एक्जिक्यूटिव-असिसटेंट/डिप्टी मैनेजर-टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर-प्रोडक्शन इंचार्ज अथवा एक्जिक्यूटिव-ह्मयून रिसोर्स मैनेजर-बैक ऑफिस मैनेजर-बैंकिंग एंड इश्योरेंस मैनेजटर

पैकेज और नए रोजगार पर असर
उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थान में कई कम्पनियां कैंपस प्लेसमेंट करती हैं। मदस विश्वविद्यालय के मैनेमेंट विभागाध्यक्ष प्रो. शिवप्रसाद ने बताया कि फाइनल ईयर के विद्यार्थी बैंक में इंटर्नशिप कर रहे हैं। इनमें कई का प्लेसमेंट हुआ है। हालांकि कोरोना से पैकेज और नए रोजगार पर काफी असर पड़ा है। अगले साल के प्लेसमेंट को लेकर स्टूडेंट्स ने परामर्श लेना शुरू किया है।


बिजनेस इम्पैक्ट....
बैंकों का एनपीए बढ़ा 2.0 प्रतिशत
सर्विस सेक्टर निर्यात पर असर-1.5 से 2.5 प्रतिशत
मोबाइल-आईटी सेक्टर व्यवसाय-40 से 45 प्रतिशत
घरेलू सर्विस सेक्टर में गिरावट-48 प्रतिशत
(स्त्रोत: मदस विश्वविद्यालय मैनेजमेंट विभाग )

COVID-19 virus
raktim tiwari Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned