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New Trend: पढ़ाई के साथ सीखेंगे ड्रेसिंग सेंस और वॉकिंग स्टाइल

इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों के संवाद और व्यक्तित्व विकास को निखारने पर खास जोर दिया जाएगा।

अजमेर

Updated: December 04, 2021 04:18:50 pm

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

इंजीनियरिंग कॉलेज अब पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के कम्यूनिकेशन स्किल और पर्सनेलिटी डवेलपमेंट पर भी फोकस करेगा। विद्यार्थियों को साक्षात्कार के दौरान ड्रेसिंग सेंस, अभिवादन, वॉकिंग स्टाइल, सवाल-जवाब देने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इससे सरकारी-निजी कम्पनियों एवं संस्थानों को स्मार्ट टेक्नोक्रेट मिल सकेंगे।
engineering college ajmer
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इंजीनियरिंग कॉलेजों में बी.टेक, एम.टेक, एमबीए और अन्य कोर्स संचालित हैं। पढ़ाई के दौरान विद्यार्थी अकादमिक ज्ञान प्राप्त हैं। लेकिन कैंपस प्लेसमेंट के दौरान खराब कम्यूनिकेशन स्किल, ड्रेसिंग सेंस का ध्यान नहीं रखने, इंटरव्यू बोर्ड के सामने उठने-बैठने जैसे बिंदुओं में पिछड़ जाते हैं।
कॉलेज देगा यह प्रशिक्षण
-सभी ब्रांच के विद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर कोडिंग प्रशिक्षण
-कंप्यूटर-आईटी के नए ट्रेंड्स की जानकारी
-इंग्लिश और हिंदी में बातचीत, शब्दों का सही उच्चारण
-पैंट-शर्ट, साड़ी-सलवार सूट और कोट-पैंट पहनने का सलीका
-इंटरव्यू बोर्ड, किसी समारोह-कार्यक्रम के दौरान वॉकिंग स्टाइल
-छात्र-छात्राओं के बालों का सिंपल स्टाइल
-अकादमिक और अन्य डिग्री की जानकारी देना
फैक्ट फाइल
अजमेर में शिक्षा का स्तर-82.7
आर्थिक सक्षमता-6.3 प्रतिशत
स्थाई विकास-56.07
इंजीनियरिंग फील्ड में भागीदारी-11.5 प्रतिशत

साक्षात्कार में कटते हैं अंक

आरएएस 2018 में लिखित परीक्षाओं में अच्छे अंक होने के बावजूद ड्रेसिंग सेंस और खराब कम्यूनिकेशन ने कई अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचाया। जींस-टीशर्ट और स्टाइलिश शर्ट-ट्राउजर और स्पोट्र्स शूज पहनने, हाव-भाव और कुर्सी पर टेढ़े-मेढ़े बैठने वाले अभ्यर्थियों के नंबर कटे।
अब अकादमिक डिग्री के साथ-साथ विद्यार्थियों की स्मार्टनेस और कम्यूनिकेशन स्किल की अहमियत बढ़ रही है। कॉलेज में सभी विद्यार्थियों को कंप्यूटर-आईटी, कम्यूनिकेशन स्किल, ड्रेसिंग सेंस सिखाई जाएगी। इससे उन्हें मल्टीनेशनल और अन्य कंपनियों, सरकारी निजी नौकरियों में ज्यादा सफलता मिलेगी।
डॉ. रेखा मेहरा, प्राचार्य इंजीयनियरिंग कॉलेज बड़ल्या

साक्षात्कार में कटते हैं अंक

आरएएस 2018 में लिखित परीक्षाओं में अच्छे अंक होने के बावजूद ड्रेसिंग सेंस और खराब कम्यूनिकेशन ने कई अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचाया। जींस-टीशर्ट और स्टाइलिश शर्ट-ट्राउजर और स्पोट्र्स शूज पहनने, हाव-भाव और कुर्सी पर टेढ़े-मेढ़े बैठने वाले अभ्यर्थियों के नंबर कटे।

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