Online Grievance: उत्तर कुंजी पर ऑनलाइन आपत्ति 26 तक

प्राध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2018

raktim tiwari

25 Mar 2020, 09:56 AM IST

अजमेर.

प्राध्यापक माध्यमिक शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2018 के तहत ग्रुप में आयोजित विषयों की उत्तरकुंजी पर अभ्यर्थी आपत्ति देने में जुट गए हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 26 जून तक उत्तर कुंजी पर ऑनलाइन आपत्ति मांगी है।

उप सचिव सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि प्राध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा - 2018 के तहत 6 से 8 जनवरी तक सामान्य ज्ञान समेत राजनीतिक विज्ञान, भूगोल, संगीत, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, लोक प्रशासन व भौतिक विज्ञान की परीक्षा हुई थी।

आयोग ने इनकी उत्तरकुंजी वेबसाइट पर जारी कर दी है। अभ्यर्थी 26 मार्च तक निर्धारित शुल्क सहित ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सगेंगे। आपत्तियां आयोग के मॉडल प्रश्न पत्र और वांछित पुस्तकों के प्रमाण सहित ऑनलाईन ही देनी होगी प्रत्येक प्रश्न के लिए सौ रुपए आपत्ति देनी हेागी।

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अटकी है 930 कॉलेज व्याख्याताओं की भर्ती

अजमेर. राज्य में 930 कॉलेज शिक्षकों की भर्ती अटकी हुई है। गुड एकेडेमिक रिकॉर्ड से जुड़ी तकनीकी बाधा भर्ती में तलवार लटकाए हुए है। इससे बेरोजगार अभ्यर्थियों को नौकरी और कॉलेज को व्याख्याता नहीं मिल रहे हैं।

राज्य में संभाग, जिला, उपखंड स्तर पर 290 कॉलेज संचालित हैं। मौजूदा वक्त इनमें करीब 4 हजार रीडर और लेक्चरर कार्यरत हैं। सरकार और उच्च शिक्षा विभाग स्तर पर विषयवार 930 व्याख्याताओं की भर्ती कराई जानी है। परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया राजस्थान लोक सेवा आयोग को अंजाम देनी है।सालभर से अटकी भतीकॉलेज शिक्षा निदेशालय की मानें तो वह सत्र 2018-19 में ही 930 कॉलेज शिक्षकों की भर्ती अभ्यर्थना राजस्थान लोक सेवा आयोग भेज चुका है। आयोग स्तर पर पदों के वर्गीकरण-परीक्षण और तकनीकी बिंदुओं के अध्ययन के बाद जवाब भी भेजे गए। लेकिन भर्ती का मुर्हूत नहीं निकल रहा है।

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गुड एकेडेमिक रिकॉर्ड की फांस
यूजीसी और केंद्र-राज्य सरकार स्तर पर अभ्यर्थियों-विद्यार्थियों के नौकरी संबंधित आवेदन के लिए गुड एकेडेमिक रिकॉर्ड का प्रावधान रखा गया है। इसके मुताबिक अभ्यर्थियों के लिए दसवीं, बारहवीं, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर तक न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक प्राप्ति की अनिवार्यता रखी गई है। दसवीं से स्नातकोत्तर तक किसी भी कक्षा में 55 प्रतिशत से कम अंक होने पर अभ्यर्थी आवेदन के पात्र नहीं होते हैं।

अभ्यर्थियों ने दायर की है याचिका
गुड एकेडेमिक रिकॉर्ड में 55 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता से खफा कई अभ्यर्थियों ने अदालत में याचिका दायर की है। उनका कहना है, कि यह उनके आवेदन और परीक्षा देने के मूल अधिकार का हनन है। आयोग ने भी अदालत को सरकार और यूजीसी के नियमों का हवाला दिया है।

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