Ajmer News : दरगाह पूरी तरह से ही खोलें, अन्यथा नहीं

ajmer dargah news : धार्मिक स्थलों को खोले जाने को लेकर बनाई गई जिला स्तरीय कमेटी ने मंगलवार को ख्वाजा साहब की दरगाह के प्रतिनिधियों से बात की। इसमें अंजुमन सदर मोइन हुसैन, अंजुमन सचिव वाहिद अंगारा, दरगाह कमेटी सदर अमीन पठान, आदि ने कहा कि दरगाह को जब भी खोला जाए, पूरी तरह से खोला जाए।

By: Yuglesh kumar Sharma

Updated: 10 Jun 2020, 02:12 PM IST

अजमेर. धार्मिक स्थलों को खोले जाने को लेकर बनाई गई जिला स्तरीय कमेटी ने मंगलवार को ख्वाजा साहब की दरगाह (dargah) के प्रतिनिधियों से बात की। इसमें अंजुमन सदर मोइन हुसैन, अंजुमन सचिव वाहिद अंगारा, दरगाह कमेटी (dargah committee) सदर अमीन पठान, आदि ने कहा कि दरगाह को जब भी खोला जाए, पूरी तरह से खोला जाए। आने-जाने के सभी गेट खोले जाएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सोशल डिस्टेंस, मास्क लगाने आदि सभी नियमों की पूरी तरह से पालना की जाएगी।

महीने के अंत में खुलने की उम्मीद

दरगाह कमेटी अध्यक्ष अमीन पठान ने दरगाह आने वाले जायरीन की समझाइश, मास्क के उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाए जाने के अमल में लाए जाने वाले तरीकों और प्रक्रिया के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से चर्चा कर इसके लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें यह भी शामिल होगा कि होटलों में ठहरने वालों को किस तरह से सोशल डिस्टेंस रखनी है। गाडिय़ों में आवाजाही के दौरान क्या नियम रहेंगे। इन सब बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन को 25 जून तक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है। ऐसे में पठान ने उम्मीद जताई है कि इस महीने के अंत में दरगाह खोलने का निर्णय किया जा सकता है।


जायरीन को बाहर रोकना नहीं संभव

अंजुमन सदर मोइन हुसैन चिश्ती ने कहा कि खादिमों के दो हजार परिवार हैं। जो पिछले ढाई महीने से घर में ही हैं। इसके अलावा करीब 5 हजार लोग ऐसे हैं जिनकी रोजी-रोटी दरगाह से ही चलती है। ऐसे में दरगाह को खोला जाए तो पूरी तरीके से ही खोला जाए। अन्यथा हालात सामान्य होने तक जैसा चल रहा है, वैसा ही चलने दें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि खादिम हो या जायरीन, सभी से सोशल डिस्टेंस आदि सभी नियमों की पूरी तरह से पालना करवाई जाएगी। यहां तक जायरीन जहां ठहरते हैं, वहां भी सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखा जाएगा। मोइन हुसैन का यह भी कहना है कि दरगाह में लाखों जायरीन आते हैं, ऐसे में यह संभव नहीं हो सकता है कि 5-5 या 10-10 जायरीन को ही आस्ताना में प्रवेश दिया जाए।

दरगाह दीवान के बेटे को लेकर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री की वीसी में केवल दरगाह दीवान के बेटे नसीरूद्दीन चिश्ती को ही बोलने का मौका दिए जाने का मुद्दा मंगलवार की बैठक में भी उठा। अंजुमन सदर मोइन हुसैन ने जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा व पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप से कहा कि दरगाह के मामले में फैसला करने का हक केवल खादिमों को है। उन्होंने कहा कि दरगाह दीवान के बेटे ने वीसी में हुई बातचीत को गलत तरीके से प्रचारित किया है। मोइन हुसैन ने यहां तक कहा कि आज की बैठक में भी नसीरूद्दीन को बुलाना गलत है। इस पर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने समझा कर मामला शांत किया। उधर नसीरूद्दीन का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं हुई। मोइन हुसैन ने सिर्फ अपनी बात को रखा है।

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Yuglesh kumar Sharma Reporting
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