रीको औद्योगिक क्षेत्र किशनगढ़ में भूखंडों की आवंटन राशि बढ़ाई तो मार्बल कारोबार होगा प्रभावित

रीको औद्योगिक क्षेत्र किशनगढ़ में भूखंडों की आवंटन राशि बढ़ाई तो मार्बल कारोबार होगा प्रभावित

Suresh Bharti | Updated: 11 Jul 2019, 08:07:48 PM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन ने राज्य सरकार को लिखा पत्र, किशनगढ़ के प्रथम से पांचवें चरण तक आवंटन राशि में वृद्धि का विरोध, औद्योगिक भूखंडों की आवंटन राशि 4000 रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 5,340 रुपए कर दी गई

अजमेर.

किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन का मानना है कि व्यावसायिक मंदी और प्रतिस्पद्र्धा के दौर में औद्योगिक भूखंडों की आवंटन राशि ४००० रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर ५,३५० रुपए करना गलत है। इससे मार्बल कारोबार प्रभावित होगा। उद्यमी ग्रामीण क्षेत्र के केत खरीदकर ङ्क्षडस्ट्रीयल क्षेत्र से कतरा रहे हैं।
एसोसिेशन ने रीको के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर किशनगढ़ के प्रथम से लेकर पांचवें चरण तक आवंटन राशि में वृद्धि का विरोध कर यह निर्णय वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन ने पत्र में बताया कि रीको औद्योगिक क्षेत्र किशनगढ़ के प्रथम से पांचवें चरण तक औद्योगिक भूखंडों की आवंटन राशि 4000 रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 5,340 रुपए कर दी गई है। रीको की ओर से औद्योगिक भूखंडों की दरों में वृद्धि करने से मार्बल एवं ग्रेनाइट इकाइयों को स्थापित करने वाले उद्यमी निवेश करने से कतराने लगे हैं।

विकल्प तलाश रहे उद्यमी

कई कारोबारी नए उद्योग स्थापित करने के लिए अन्य विकल्प के रूप में आसपास के गांव कालीडूंगरी, मोहनपुरा, रहीमपुरा एवं रलावता इलाके में कृषि भूमि क्रय कर और उसका औद्योगिक उपभोग के लिए रूपांतरण करा रहे हैं। रीको की यह दर वृद्धि नीति औद्योगिक विकास में बाधक बनेगी। जैन के अनुसार मंदी के दौर में कोई भी उद्यमी ऊंची दर पर भूमि खरीद कर इकाई स्थापित करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। उद्यमी यह भी जानता है कि रीको की ओर से आवंटित भूखंड के पेटे जमा होने वाली राशि लगभग दो वर्ष तक अनुपयोगी पड़ी रहेगी।

दोहरी मार का असर

भूखंड क्रय में निवेशित पूंजी निष्क्रिय हो जाएगी। उसको बैंकों से इस पेटे लिए ऋण पर अधिक ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। इस प्रकार उद्यमी पर दोहरी आर्थिक मार पड़ेगी। किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन की मांग है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और औद्योगिकीकरण के विस्तार के लिए भूखंड आवंटन की दर 4000 रुपए प्रति वर्गमीटर रखी जाए।

 

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned