एडीए में बिना काम के निजी कंपनी को भुगतान!

8 माह से ठप है फाइल ट्रैकिंग सिस्टम, सर्वर मैनेजर सिंगल विंडो पर काट रहा चालान

एडीए सैकेट्री ने कम्पनी को जारी किया अंतिम नोटिस, पूछा-बताए क्या किया काम

By: bhupendra singh

Published: 26 Dec 2020, 09:40 PM IST

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण ada में ऑनलाइन online सेवा देने वाली कंपनी काम नहीं कर रही, अधिकरियों के आदेश नहीं मान रही, पत्रों का जवाब नहीं दे रही. . .मगर उसे भुगतान किया जा रहा है। एडीए में ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग का काम पिछले 8 माह से ठप है। अब प्राधिकरण सचिव किशोर कुमार ने सॉफ्टवेयर प्रदाता कम्पनी private company ई-कनेक्ट e conect को अंतिम नोटिस जारी किया है। जिसमें पूछा गया है कि कम्पनी को वर्क ऑर्डर के अनुसार क्या कार्य दिया गया था और कम्पनी कौन-कौन से कार्य रही है। कंपनी से इसका विवरण मांगा गया है।
जो पूछ रहे, वो सब एडीए के पास

नोटिस में रोचक यह है कि कंपनी को वर्क ऑर्डर के मुताबिक प्राधिकरण द्वारा सौंपे गए समस्त कामकाज और उसके दायित्व का ब्यौरा प्राधिकरण के अफसरों की जानकारी और उसकी फाइलों में पहले से ही मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद अफसर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रस्मी खतो-किताबत में ही उलझे हुए हैं। उधर, कम्पनी भी प्राधिकरण के अफसरों को टके सेर का भाव नहीं दे रही। कंपनी की ओर से प्राधिकरण को ना तो कोई विवरण प्रस्तुत किया गया है, साथ ही कामों को बताने से इंकार भी कर दिया गया। इसके बावजूद प्राधिकरण उसके काम का मूल्यांकन किए बगैर लगातार भुगतान कर रहा है। कंपनी के द्वारा दी जा रही सेवाएं संदेह के घेरे में हैं। अन्य ऑनलाइन काम जिनमें आधे से ज्यादा सेवाएं तो यूडीएच पोर्टल पर शिफ्ट हो चुकी हैं फिर भी सॉफ्टवेयर कंपनी को पूरा भुगतान लगातार जारी है। नेटवर्किंग ठप होने पर तत्कालीन सचिव ने कंपनी के भुगतान Payments को रोकने तथा उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद ही भुगतान जारी करने के लिए यूओ नोट के जरिये निर्देश दिए थे, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।

सर्वर मैनेजर काट रहे चालान
प्राधिकरण में सॉफ्टवेयर प्रदान करन के लिए निजी कंपनी ने प्राधिकरण में एक नेटवर्क मैनेजर, एक सर्वर मैनेजर व दो सॉफ्टवेयर डवलपर लगा रखे हैं। जबकि हकीकत में निजी कंपनी के सर्वर मैनेजर अपना मूल काम नहीं कर एडीए की एकल खिड़की पर लोगों के चालान काट रहे हैं। उधर, नेटवर्क मैनेजर ने भी नेटवर्क सुधारने का ना तो कोई सुझाव दिया, ना किसी प्रकार का नेटवर्किंग में बदलाव किया। जिसका सीधा असर एडीए के कामकाज पर पिछले साल भर से पड़ रहा है।

आधी से अधिक ऑनलाइन सेवाएं ठप

प्राधिकरण की आधी से ज्यादा ऑनलाइन सेवाएं ठप पड़ी हैं। प्राधिकरण वेबसाइट पर पुराने लिंक पड़े हुए हैं जो गलत जानकारियां देते हैं। वेबसाइट 1 साल बाद अपडेट की गई है। इसके बावजूद प्राधिकरण कंपनी पर मेहरबान बना हुआ है। हालांकि सॉफ्टवेयर प्रदान कर रही कम्पनी का ठेका अगले साल समाप्त हो रहा है।

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bhupendra singh Reporting
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