scriptPeople coming to Ajmer getting trapped in the lal-kala trap to earn m | पैसे कमाने के लिए 'लाल-काला' के चक्कर में फंस रहे अजमेर आने वाले जायरीन! | Patrika News

पैसे कमाने के लिए 'लाल-काला' के चक्कर में फंस रहे अजमेर आने वाले जायरीन!

इस धंधे के खिलाड़ी जायरीन को फांसने के लिए खुद के ही गुर्गों को जुआ खिलाकर उन्हें जिताते हैं। जिससे जायरीन भी लालच में आकर फंसने के बाद खुद को लुटा बैठते हैं।

अजमेर

Published: December 31, 2021 09:05:51 pm

युगलेश शर्मा.

अजमेर. शहर में जुए-सट्टे को लेकर पिछले दिनों पुलिस महकमे में मचे घमासान और हड़कंप के बाद जुआरियों-सटोरियों से आबाद रहने वाले कई ठिकानों पर भले ही पुलिस की सख्ती नजर आ रही है लेकिन अंदरकोट से तारागढ़ के लिए जाने वाला कच्चा रास्ता अभी भी पुलिस भूली हुई है। इस मार्ग पर लाल-काला नाम से जुए का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है।
पैसे कमाने के लिए 'लाल-काला' के चक्कर में फंस रहे अजमेर आने वाले जायरीन!
पैसे कमाने के लिए 'लाल-काला' के चक्कर में फंस रहे अजमेर आने वाले जायरीन!
तारागढ़ के रास्ते पर लाल-काला के नाम से जुए का काला कारोबार आज से नहीं बल्कि सालों से चल रहा है। यहां जायरीन रकम बढ़ाने के लालच में आकर फंस तो जाता है लेकिन वहां से निकलना उसके वश में नहीं होता। यहां से उसकी वापसी पूरी तरह से जेबें खाली करने के बाद ही संभव हो पाती है।

भोंथरी कार्रवाई, बढ़े ठिकाने

पुलिस ने कई बार यहां कार्रवाई भी की, लेकिन उसके बाद फॉलोअप नहीं होने से यह काला कारोबार इस इलाके में रुक नहीं सका। इसके चलते पिछली कार्रवाइयों का असर ना केवल जाता रहा बल्कि और नए ठिकाने भी आबाद होते चले गए। जिनकी बढ़त रोकने के लिए कोई सख्त एक्शन प्लान कभी भी नहीं बनाया गया। नतीजा यह कि यहां जुआ खिलाने वालों के हौसले बुलंद हैं और खेलने वालों की पौ-बारह. . .! पत्रिका को इस रास्ते पर गुरुवार को भी कुछ लोग जुआ खेलते नजर आए। इनके पास पीले रंग के स्ट्राइकर थे जिन पर दांव लगाया जा रहा था।

हारकर ही जाते हैं जायरीन

ऐसा कहा जाता है कि यहां जो भी जायरीन लालच में आकर पैसे दांव पर लगाता है वह हारकर ही जाता है। यह भी कहा जाता है कि जुआ खेलने वालों में जुआ खिलाने वालों के ही कुछ लोग होते हैं जिन्हें जायरीन को लालच में लेने के लिए जिताया जाता है। नया आदमी सामने वाले को जुए में रकम जीतते देखकर लालच में आने के बाद खुद ही इनके जाल में फंस जाता है।

हर तरफ खुद के आदमी!

बताया जाता है कि यहां लाल-काला नाम से जुए का कारोबार चलाने वाले अपने ही कुछ गुर्गों को रास्ते में बैठा कर रखते हैं। इससे किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले इन तक सूचना पहुंच जाती है और कार्रवाई की भनक लगते ही कारोबार बंद कर इधर-उधर हो जाते हैं।
इनका खौफ हर ओर. . .
इस क्षेत्र में लाल-काला करने वालों का खौफ इतना है कि कोई भी इस संबंध में खुलकर बोलने तक को तैयार नहीं। राजस्थान पत्रिका ने अंदरकोट में रहने वाले कुछ लोगों से इस संबंध में जानकारी चाही तो उनका कहना था कि जुए का यह कारोबार बंद होना चाहिए लेकिन हमारा नाम नहीं आना चाहिए।
शिकायत की तो जानलेवा हमला

मैंने पूर्व में वर्ष 2017 में इसकी शिकायत की थी। इस पर कार्रवाई हुई तो कुछ लोग पकड़े गए। लेकिन रिहा होने के बाद उन लोगों ने मुझ पर जानलेवा हमला बोल दिया।
-वाहिद मोहम्मद, वार्ड 12

बर्बादी की राह. . .

जुए का यह धंधा बिल्कुल बंद होना चाहिए। यहां आकर जायरीन पूरी तरह से बर्बाद हो जाता है। कई जायरीन बेचारे रोते हुए जाते हैं।
-फरीद खान

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