Planning: मई में हुए एग्जाम तो कैंसिल होंगे टीचर्स के समर वेकेशन

संस्थानों में गर्मियों की छुट्टियां होनी मुश्किल हैं। सरकार, उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन इसको लेकर चर्चा में जुटे हैं।

By: raktim tiwari

Published: 03 Apr 2021, 08:57 AM IST

अजमेर.

विश्वविद्यालयों और कॉलेज में गर्मियों की छुट्टियां निरस्त हो सकती हैं। मई से जुलाई के बीच सालाना परीक्षाओं के चलते इस पर विचार जारी है।

बीते साल लॉकडाउन और कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 25 मार्च से 20 मई तक पढ़ाई ठप रही थी। बाद में जून से दिसंबर तक कॉलेज, विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं नहीं हुई। स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में दाखिले विलंब से हुए। बीती 18 जनवरी तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष और 8 फरवरी से प्रथम-द्वितीय वर्ष की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हुई।

मई से जुलाई तक परीक्षाएं
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में सत्र 2020-21 की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं कराई जानी हैं। यह मई से जुलाई के बीच होंगी। इसके चलते संस्थानों में गर्मियों की छुट्टियां होनी मुश्किल हैं। सरकार, उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन इसको लेकर चर्चा में जुटे हैं।

तो मिलेंगे उपार्जित अवकाश
इस साल गर्मी की छुट्टियां नहीं होने की स्थिति में शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने होंगे। इसका निर्धारण उच्च शिक्षा विभाग और सरकार करेगी। मालूम हो कि पिछले साल सरकार ने जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पी. सी. त्रिवेदी, उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव, डॉ. मोहम्मद नईम और अन्य की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने लॉकडाउन के चलते 30 मई तक सी संस्थानों में अवकाश की सिफारिश की थी। 1 जून से कॉलेज-विश्वविद्यालयों में प्रवेश, ऑनलाइन शिक्षण और अन्य कार्य शुरू हुए थे।

पवित्र शनिवार पर होगी प्रेयर, करेंगे यीशू को याद

अजमेर. गुड फ्राइडे के बाद मसीह धर्मालंबी पवित्र शनिवार मना रहे हैं। शाम को विभिन्न चर्च में प्रार्थना होगी। इसके बाद रविवार को ईस्टर मनाया जाएगा।

सेंट एन्सलम्स स्कूल स्थित इमेक्यूलेट कंसेप्शनल कथीड्रल में क्रूस यात्रा निकाली गई। प्रभु के पहाड़ी पर उपदेश देने, सैनिकों द्वारा प्रभु यीशू को बांधने, सूली पर चढ़ाने का वृतांत सुनाया गया। यह सुनकर कई मसीह धर्मावलंबियों की आंखें छलछला उठीं। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और युवाओं ने पवित्र क्रूस के आगे सिर झुकाकर परमात्मा यीशू को याद दिया। बिशप पायस थॉमस डिसूजा, फादर कॉसमॉस शेखावत सहित विभिन्न चर्च के पुरोहित, नन और मसीह धर्मावलंबी मौजूद रहे।
इसी तरह विभिन्न प्रोटेस्टेंट चर्च में भी प्रार्थना हुई। प्रभु यीशू के बलिदान पर मसीह धर्मावलंबियों ने उपवास रखा। धर्म गुरुओं ने स्टेशन ऑफ द क्रॉस और सात वाणियों के उपदेश दिए। यीशू को प्राण दंड की आज्ञा, माता मरियम से मुलाकात, वेरोनिका द्वारा यीशू का चेहरा पौंछने, यीशू का दूसरी बार गिरने और अन्य वृतांत सुनकर लोग गमजदा हो गए।

raktim tiwari Reporting
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