अज्ञात बीमारी : मुंह से झाग निकलते रहे और 80 गोवंश ने तोड़ दिया दम

गोशाला में शुक्रवार अपराह्न से शनिवार सुबह तक मौत का सिलसिला रहा जारी,चिकित्सकों की टीम गोवंश को बचाने में जुटी,जिला कलक्टर सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे

By: suresh bharti

Published: 22 Nov 2020, 12:57 AM IST

अजमेर/झुंझुनूं. अचानक गायों के मुंह से झाग निकलते रहे। एक के बाद एक गोवंश जमीन पर गिरते रहा। बाद में मौत हो गई। कई बछड़े व गायें बीमार रही। इसके चलते झुंझुनंू जिला प्रशासन में ख्रलबली मच गई। बिल्यूंबास रामपुरा गांव स्थित श्रीराम गोशाला में 80 से अधिक गोवंश की मौत हो गई। यह सिलसिला शुक्रवार अपराह्न तीन बजे शुरू हुआ जो शनिवार सुबह तक जारी रहा।
हमेशा की तरह गोशाला कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह गोवंश को चारा डाला तथा पानी पिलाया था। शुक्रवार अपराह्न तीन बजे गोवंश के मुंह में झाग आने लगे थे।

ऐसे में गायें जमीन पर गिरने लगी। गोशाला के पदाधिकारियों ने उपखण्ड अधिकारी रीना छिंपा सहित आला अधिकारियों को सूचना दी। बाद में चिकित्सकों की टीम गोशाला आई। रातङर चिकित्सकों की टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर गोवंश को बचाने का प्रयास किया। फिर भी अस्सी से अधिक गोवंश मौत के शिकार हो गई।

गोशाला पहुंचे अधिकारी

शनिवार सुबह सरदारशहर के अलावा तारागनगर व चूरू की टीम ने गोशाला पहुंचकर स्थिति पर नियंत्रण किया। एसडीएम रीना छिंपा, पुलिस उप अधीक्षक गिरधारीलाल शर्मा, भानीपुरा थानाधिकारी मलकीयतसिंह, तहसीलदार कुटैन्द्र कंवर, प्रहलाद पारीक आदि ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। दिनभर अधिकारी गोशाला में डटे रहे। शाम को जिला कलक्टर प्रदीप के गावंडे, एएसपी योगेन्द्र फौजदार, गोशाला के पदाधिकारी ललित दाधीच ने भी गोशाला जाकर स्थिति का जायजा लिया।

चिकित्सकों की टीम जुटी

इधर, पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक जगदीशप्रसाद बड़बड़ व नोडल अधिकारी डॉ.केशरीचन्द नाई के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम गोवंश को बचाने में जुटी हुई है। एसडीएम छिंपा ने बताया कि सूचना मिलते ही चिकित्सकों की टीम बिल्यूं गांव भेजा गया। मौत के कारणों को अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। गोशाला में 70 से अधिक गोवंश की मौत की सूचना है। कुछ गोवंश बीमार है। जब तक नियंत्रण नहीं होगा, तब तक चिकित्सकों की टीम गोशाला में रहेगी। नोडल अधिकारी डॉ.केशरीचन्द नाई ने बताया कि गोवंश को बचाने के लिए सरदारशहर के अलावा तारानगर व चूरू से टीम बुलाई जो सुबह से गायों के इलाज में जुटी हुई है।

विषाक्त चारे की आशंका

प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग के चलते गोवंश की मौत होना लग रहा है। मामले का पूरा खुलासा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। सूचना मिलते ही बिल्यूं गांव के अलावा आसपास के गांवों के लोगों ने गोशाला पहुंचकर सहयोग किया। इस अवसर पर मधुसूदन राजपुरोहित, गिरधारीलाल पारीक, जितेन्द्रसिंह राजवी, एडवोकेट राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित, बनवारीलाल पारीक, लाभुराम सारण, धर्मचन्द चन्देल सहित बड़ी सं या में लोग मौके पर पहुंचे।

]वहीं गोशाला के पदाधिकारी एवं ग्रामीण शुक्रवार दोपहर से गोवंश को बचाने में जुटे हुए हंै। गोशाला में कुल 471 गोवंश था। इनमें से 80 से अधिक गोवंश मौत के शिकार हो गया। दो दर्जन से अधिक गोवंश बीमार है।

suresh bharti Desk
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