जो दूसरे शातिरों को पकड़ कर जेल भिजवाता था,अब खुद को कारागार में बंद होना पड़ गया

रिश्वत लेते गिरफ्तार पुलिस एएसआई को अदालत ने भिजवाया जेल,फरार निलम्बित थानाधिकारी का नहीं लगा सुराग,कानून सबके लिए बराबर होता है चाहे अपराधी कितना ही रसूखदार क्यों ना हो

By: suresh bharti

Published: 06 Jan 2021, 12:29 AM IST

ajmer अजमेर. पुलिस का नाम सुनते ही शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती है। पुलिस के भी कई रूप होते हैं। जो कत्र्तव्यनिष्ठ होकर ईमनादारी से कार्य करते हैं। वह चैन की नींद सोते हैं। साथ में महकमे से सम्मानित होते हैं,लेकिन कुछ पुलिसकार्मिक ऐसे भी हैं जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इनमें अजमेर जिले के रूपनगढ़ पुलिस थाने के एएसआई भङी शामिल है जो पीडि़त को भय दिखाकर 40 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को गिरफ्तार सहायक उपनिरीक्षक घासीराम चौधरी को एसीबी ने मंगलवार को अजमेर न्यायालय में पेश किया, जहां उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए।

एएसआई व थानेदार निलम्बित

इस मामले में फरार नामजद आरोपी थानेदार सियाराम विश्नोई की एसीबी टीम तलाश कर रही है। रिश्वत लेते सोमवार को एसीबी की गिरफ्त में आए सहायक उपनिरीक्षक चौधरी व फरार नामजद आरोपी थानाप्रभारी विश्नोई को पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने सोमवार को ही निलम्बित कर दिया था।
थाने पर पसरा रहा सन्नाटा

रूपनगढ़ थाने के सहायक उपनिरीक्षक चौधरी व फरार नामजद आरोपी थानाप्रभारी विश्नोई के निलम्बन के बाद मंगलवार को थाने में सन्नाटा पसरा रहा। थाने की पूरी जिम्मेदारी दीवान जितेन्द्र कुमार सम्भाल रहे हैं। यहां तैनात एएसआई के रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार होने व दीवान सुरेश कुमार के लम्बी छुट्टी पर जाने से कार्य बाधित पड़ा है।

उल्लेखनीय है कि ग्राम कानोता सुजानगढ़ निवासी रामप्रसाद ने एक मुकदमे में परेशान करने का आरोप लगाते हुए एएसआई व थानाधिकारी की नामजद रिपोर्ट एसीबी को दी। इस पर एसीबी टीम ने एएसआई घासीराम को ४० हजार रुपए समेत रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसकी भनक लगने पर थानाधिकारी विश्नोई फरार हो गया।

suresh bharti Desk
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