इस शहर में कभी छुट्टियां मनाते थे अंग्रेज अफसर, नजर लग गई इसकी खूबसूरती को

raktim tiwari

Publish: Feb, 15 2018 08:40:00 AM (IST)

Ajmer, Rajasthan, India
इस शहर में कभी छुट्टियां मनाते थे अंग्रेज अफसर, नजर लग गई इसकी खूबसूरती को

किशनगढ़ में प्रदूषण मंडल कार्यालय खोला है। इसके चलते यहां प्रदूषण का नियमित मापन बहुत मुश्किल है।

कभी अपनी खूबसूरती और स्वच्छ आबोहवा के लिए मशहूर अजमेर धीरे-धीरे प्रदूषित शहर में तब्दील हो रहा है। वन विभाग भले ही ग्रीन बैल्ट बढऩे पर खुश हो रहा हो, लेकिन सड़कों पर दौड़ते वाहन जहरीला धुआं उगल रहे हैं। शहर में कई जगह सुबह से देर शाम तक साफ हवा नसीब नहीं होती। इनमें मदार गेट-स्टेशन रोड, नसीराबाद रोड-आदर्श नगर, वैशाली नगर-पुष्कर रोड, श्रीनगर रोड-ब्यावर रोड खास है।

शहर में साल दर साल वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इनसे निकलने वाला जहरीला धुआं शहर की हरियाली और लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। जयपुर , मुंबई और अन्य शहरों में सार्वजनिक स्थानों, ट्रेफिक लाइट्स और अन्य क्षेत्रों में प्रदूषण मापने के स्वचलित यंत्र लग चुके हैं। पेट्रोल-डीजल पम्प पर प्रदूषण की जांच होती है। अजमेर अब तक इनसे अछूता है। यहां वाहनों से उत्सर्जित जहरीले धुएं को मापने के सार्वजनिक साधन नहीं हैं। सरकार ने अजमेर के बजाय किशनगढ़ में प्रदूषण मंडल कार्यालय खोला है। इसके चलते यहां प्रदूषण का नियमित मापन बहुत मुश्किल है।

खराब हो रहे हैं हालात
1-स्टेशन रोड-मदार गेट (सुबह 7 से शाम 8 बजे तक )
रोड पर वाहनों की आवाजाही-60 से 80 हजार
कार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 450 से 550 पीपीएम
हालात-सांस के साथ घुलती जहरीली हवा

2-आगरा गेट-जयपुर रोड (सुबह 6 से शाम 8 बजे)
रोड पर वाहनों की आवाजाही-50 से 60 हजार
कार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 250-300 पीपीएम
हालात-हवा में प्रदूषण, शुद्ध हवा नहीं

3-नसीराबाद रोड,आदर्श नगर-पर्बतपुरा क्षेत्र (सुबह 5 से रात्रि 9 बजे)
रोड पर वाहनों की आवाजाही-50 से 60 हजार
कार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 350-450 पीपीएम
हालात-हवा में गर्मााहट, वायू प्रदूषण

4-वैशाली नगर-पुष्कर रोड-लोहागल क्षेत्र (सुबह 5 से रात्रि 9 बजे)
रोड पर वाहनों की आवाजाही-60 से 70 हजार
कार्बन मोनो ऑक्साइड स्तर : 180-265 पीपीएम

हालात-हवा के साथ धूल, प्रदूषित वातावरण

प्रदूषण स्तर मानक...........बहुत अच्छा : 0-50, संतोषजनक-51-100, औसत : 101 से 200, खराब : 201-350, बहुत खराब : 351-500, जहरीला : 500 से ज्यादा

बढ़ रही वाहनों की संख्या
शहर में वाहनों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। वर्ष 2000-01 में अजमेर में परिवहन से पंजीकृत वाहनों की संख्या 2 लाख के आसपास थी। बीते 16 साल में यह तादाद बढ़कर 7 लाख तक पहुंच गई है। यदि इसमें अक्टूबर 2017 तक पंजीकृत दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया वाहनों की संख्या जोड़ें तो संख्या 7.40 लाख तक पहुंच सकती है।

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