आप भी ध्यान रखें ट्रेन में सफर करते समय, पैसेंजर को कुछ यूं लूट रहा है रेलवे

आप भी ध्यान रखें ट्रेन में सफर करते समय, पैसेंजर को कुछ यूं लूट रहा है रेलवे

raktim tiwari | Publish: Mar, 14 2018 10:35:00 AM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

रेलवे बोर्ड ने हाल ही में कुछ घोषणाएं की थी लेकिन कई माह बीत जाने के बावजूद लागू नहीं किया गया है।

सुरेश लालवानी/अजमेर।

रेलवे की ओर से यात्रियों को राहत देने के दावे तो बहुत किए जाते है लेकिन इन आदेशों की अनुपालना हो रही है या नहीं इस पर कोई निगरानी नहीं रखी जाती। यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे बोर्ड ने हाल ही में कुछ घोषणाएं की थी लेकिन हकीकत में इन्हें कई माह बीत जाने के बावजूद लागू नहीं किया गया है।

देश भर में चली रही अधिक किराये वाली एसी ट्रेनें राजधानी, शताब्दी और दुरंतों में परोसे जा रहे खाने को लेकर भी इसी तरह की घोषणा लगभग छह माह पूर्व की गई थी। इसके तहत यात्रियों को ट्रेन में खाना लेने अथवा नहीं लेने का विकल्प दिया गया था। इससे पहले इन ट्रेनों में आरक्षण के समय ही खाने के पैसे वसूले जाने का नियम था। इस कारण जो यात्री खाना नहीं लेना चाहते थे उनको भी किराये के साथ ही भोजन के पैसे चुकाना अनिवार्य था।
रेलवे ने दिया विकल्प

यात्रियों की शिकायत एवं समीक्षा के बाद रेलवे बोर्ड ने इन गाडिय़ों में यात्रियों को खाना लेने अथवा नहीं लेने का विकल्प दिया था। इसके लिए बाकायदा आरक्षण फार्म में भी संशोधन किया गया। इसमें ट्रेन में खाना नहीं लेने वाले रेल यात्रियों को शुल्क नहीं चुकाने का प्रावधान किया गया था।

अब भी वसूला जा रहा है शुल्क

राजधानी, शताब्दी एवं दुरंतो ट्रेनों में यात्रियों से एक समय के भोजन के 220 रुपए वसूले जाते हैं। रेलवे बोर्ड की घोषण को छह माह बीत चुके है लेकिन आरक्षण फार्म में खाना नहीं लेने का विकल्प भरने के बावजूद यात्रियों से यह पैसा वसूला जा रहा है। जानकारी के अनुसार कुछ राजधानी ट्रेनों में तो इसे लागू किया गया है लेकिन शेष शताब्दी एवं दुरंतो गाडिय़ों में यात्रियों को यह सुविधा अब तक नहीं मिली है।

फ्लैक्सी किराया पर भी सिर्फ विचार

पिछले कुछ वर्षों से लंबी दूरी की ट्रेनों में हवाई जहाज की तर्ज पर फ्लैक्सी किराया वसूलने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जैसे-जैसे कन्फर्म टिकट कम होते जाएंगे वैसे ही किराया भी बढ़ता जाता है। इस कारण यात्रा तिथि से एक दो दिन पूर्व टिकट खरीदने वाले यात्रियों को दुगना किराया तक चुकाना पड़ता है। रेलवे मंत्री सहित रेलवे के बड़े अधिकारियों ने इसमें राहत के लिए फ्लैक्सी किराये पर पुनर्विचार के संकेत दिए थे लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई निर्णय नहीं किया गया है।

ट्रेनों में खाना लेने अथवा नहीं लेने की योजना प्रस्तावित थी। उत्तर-पश्चिम रेलवे में इसे लागू किया गया है या नहीं फिलहाल जानकारी नहीं है।
-तरुण जैन, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, उ.प. रेलवे मुख्यालय जयपुर

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