
shramik special train
अजमेर.
उत्तर पश्चिम रेलवे के रेलवे ने 98 श्रमिक स्पेशल ट्रेन का संचालन कर 1 लाख 38 हजार लोगों को उनके गृह राज्य पहुंचाया। सरकार के निर्देशानुसार रेलसेवाओं का संचालन जारी है। श्रमिकों की संख्या के आधार पर विभिन्न स्थानों के लिये श्रमिक स्पेशल ट्रेन संचालन की योजना तैयार की जा रही है।
इनमें उन्हीं यात्रियों को अनुमति प्रदान की जा रही है जिन्हें राज्य सरकार ने चिन्हित एवं स्क्रीनिंग किया है। रेलवे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनेटाइज इस्तेमाल को लेकर यात्रियों को जागरुक कर रहा है। रास्ते में भोजन तथा पानी भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर अब तक 98 श्रमिक स्पेषल रेलसेवाओं का संचालन किया है। यह बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश झारखंड, पश्चिम बंगाल व आन्ध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रमिकों के लिये संचालित की गई है। इसके अलावा 37 श्रमिक स्पेशल अन्य राज्यों से आई है। इनमें 43 हजार से अधिक प्रवासी दूसरे प्रदेशों से राजस्थान आए हैं। सिंधुदुर्ग (महाराष्ट्र) से जयपुर और काचीगुडा (तेलंगाना) से जोधपुर के लिए ट्रेन भेजी गई।
25 मई को चलीं 7 श्रमिक स्पेशल रेल सेवा
- जयपुर-गोरखपुर
- जोधपुर-पूर्णिया
- बीकानेर-पूर्णिया
- जयपुर-पूर्णिया
- हनुमानगढ-पूर्णिया
- सीकर-बेगूसराय
- उदयपुर-गोरखपुर
स्थानीय लोगों को मिले कौशल प्रशिक्षण, हम करेंगे भारत नवनिर्माण
अजमेर. स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण दिया तो वे कुशल बन सकते हैं। हम प्रशिक्षण देने को तैयार हैं। सरकार को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। यह विचार राजस्थान पत्रिका के वेबिनार में सामने आए। उद्यमियों ने बिजली के बिल और फिक्सड चार्ज माफ करने, श्रमिकों का पलायन रोकने, खेती, पशुपालन और श्रम आधारित कामकाज को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
स्थानीय रोजगार में दुग्ध-पशुपालन सहायक
अजमेर जिले में हजारों पशुपालक हैं। दुग्ध और पशुपालन में अजमेर डेयरी देश में अग्रणीय बन सकती है। पनीर, लस्सी, छाछ, श्रीखंड, पेड़े पहले ही बनाए जा रहे हैं। स्किम मिल्क पाउडर भी बनना प्रारंभ हो जाएगा। डेयरी उत्पादों से स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है।
रामचंद्र चौधरी, अध्यक्ष अजमेर डेयरी
विशेष पैकेज, सस्ती दर पर कर्ज
लॉकडाउन काल के बिजली बिल, फिक्सड चार्ज और जुर्माना हटाना जरूरी है। रीको को भूखंड धारकों से सर्विस चार्ज एक साल तक स्थगित और बकाया राशि पर ब्याज, लघु और सूक्ष्म उद्योगों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाना चाहिए। ग्रामीण उद्यमियों और शहरी उद्यमियों को सस्ती दरों पर कर्ज देने होंगे।
सुुधीर जैन, किशनगढ़
Updated on:
26 May 2020 07:24 am
Published on:
26 May 2020 07:24 am
