Rain shaver: पलटा मौसम, जिले में कई जगह हुई बरसात

अजमेर में पर्बतपुरा, आदर्शनगर इलाके में बरसात हुई। इससे सडक़ें गीली हो गई। जबकि शहर के अन्य इलाकों में सिर्फ टपका-टपकी हुई।

By: raktim tiwari

Published: 15 Nov 2020, 06:17 PM IST

अजमेर.

मौसम का मिजाज रविवार को पलट गया। जिले में सुबह से बादलों और सूरज में लुकाछिपी चली। ब्यावर, मांगलियावास,सराधना और अन्य स्थानों पर बरसात हुई। अजमेर में पर्बतपुरा और आसपास के इलाकों में बौछारें पड़ी। अन्य इलाकों में मामूली बूंदाबांदी हुई। बादल छाने से मौसम में ठंडापन भी रहा।

रविवार को सुबह से ही आसमान पर बादलों का जमावड़ा नजर आया। हवा चलने से ठंडक भी रही। कुछ देर में सूरज भी निकला पर बादलों ने वापस ढांप दिया। इसके बाद दिन-भर बादलों और सूरज में लुकाछिपी चली। उधर जिले के ब्यावर शहर में बौछारें पड़ी। मांगलियावास, सराधना,तबीजी और अन्य स्थानों पर ५ से १० मिनट तक तेज बौछारें पड़ी। अजमेर में पर्बतपुरा, आदर्शनगर इलाके में बरसात हुई। इससे सडक़ें गीली हो गई। जबकि शहर के अन्य इलाकों में सिर्फ टपका-टपकी हुई।

इस बार कड़ाके की ठंड
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते इस बार नवंबर में ठंडक बढ़ी है। ऐसे में दिसम्बर और जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पडऩे की उम्मीद है। बीते साल नवम्बर में तापमान की स्थिति ठीक थी। १० से ११ नवम्बर के दौरान न्यूनतम तापमान १४.५ से १८.२ डिग्री तक था। इस बार नवंबर में तापमान १३.२ से १४.१ डिग्री तक है।

पटाखों पर रोक से राहत, दिवाली पर घटा 55 प्रतिशत वायु प्रदूषण

अजमेर. कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पटाखे चलाने पर लगी रोक अजमेर के लिए फायदेमंद साबित हुई। इस बार दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण में 55 प्रतिशत की कमी आई। सांस-दमा और अन्य रोगियों काफी राहत मिली। हालांकि दोपहिया-चौपहिया वाहन दौडऩे से वायु प्रदूषण बरकरार रहा।

दिवाली पर लोग हर साल करोड़ों रुपए के सूतली बम, अनार, फुलझड़ी, रॉकेट और अन्य पटाखे चलाते हैं। इससे होने वाला वायु और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक होता है। महालक्ष्मी पूजन और राम-राम को पटाखे चलाने से अजमेर में 82.5 से 90 प्रतिशत तक प्रदूषण होता रहा है। हवा में बारूद के पाउडर और कचरे की गंध घुली रहती है। लेकिन कोरोना संक्रमण इस बार शहर के लिए फायदेमंद साबित हुआ।

55 प्रतिशत कम रहा प्रदूषण
एनजीटी की सख्ती और कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार ने इस बार पटाखे चलाने-बेचने पर पाबंदी लगाई। इसका अजमेर सहित अन्य शहरों-कस्बों-गांवों में असर देखने को मिला। रोक के बावजूद दिवाली की रात 9 से 1 बजे तक कई लोगों ने पटाखे चलाए, पर इनकी तादाद 20 से 25 प्रतिशत ही रही। वायु प्रदूषण में पटाखों से निकलने वाले घातक धुएं की मात्रा 55 प्रतिशत तक कम रही। अजमेर में संभवत: बीते 10-15 साल में ऐसा पहली बार होगा जबकि दिवाली पर प्रदूषण कम हुआ है।

raktim tiwari Reporting
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