लोकार्पण के इंतजार में 50 लाख का राजीव स्मृति वन बर्बाद!

17 साल पहले कांग्रेस राज में हुआ था निर्माण, अब भी नहीं दिया जा रहा ध्यान
प्रतिमा का भी नहीं हुआ अनावरण, फव्वारे-झूले-चकरी सभी क्षतिग्रस्त

By: himanshu dhawal

Published: 07 Sep 2020, 05:16 PM IST

हिमांशु धवल

अजमेर. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की स्मृति में वर्ष 2003 में बने स्मृति वन को 17 साल बाद भी उद्घाटन का इंतजार है। राजीव गांधी की प्रतिमा पर बंधा कवर भी जीर्ण-शीर्ण हो गया है, लेकिन प्रतिमा का अनावरण नहीं हुआ। वन में बच्चों के लिए लगाए गए झूले-चकरी और फव्वारे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
यूआईटी ने कराया था निर्माण

अजमेर-ब्यावर हाईवे स्थित तबीजी के निकट नगर सुधार न्यास (अब एडीए) की ओर से 2003 में 50 लाख की लागत से राजीव गांधी स्मृति वन का निर्माण करवाया गया था। यूआईटी के तत्कालीन चेयरमैन श्रीगोपाल बाहेती के कार्यकाल में निर्मित स्मृति वन में कुछ कक्षों का निर्माण भी हुआ था। यहां राजीव गांधी की प्रतिमा स्थापित कर लोकार्पण के लिए पर कवर कर दी गई थी। लेकिन उसके बाद से निजामत बदलती गई, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली। प्रतिमा पर लगाया गया कवर भी समय की मार के साथ चिथड़े हो गया।
फैक्ट फाइल

- 2003 में राजीव स्मृति वन का निर्माण - 15 बीघा में बना हुआ है स्मृति वन
- 50 लाख की लागत से हुआ निर्माण

झाडिय़ां उगी, टूटा फाउंटेन

राजीव स्मृति वन में जगह-जगह घास और कंटीली झाडिय़ां उग गई हैं। बच्चों के लिए बनाई गई ट्रॉय ट्रेन, चकरी, झूले और फव्वारे भी टूट गए हैं। वन में रसोईनुमा हॉल बना हुआ है और उसके बाहर लगी कुर्सियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

इनका कहना है...

राजीव गांधी स्मृति वन 2003 में बनवाया गया था, लेकिन आचार संहिता लगने के कारण उसका लोकार्पण नहीं हो सका था। करीब एक महीने पहले जिला कलक्टर को अशोक उद्यान और राजीव स्मृति वन को स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में लेकर विकसित करने और फिर आमजन के लिए उसे खालेने के लिए पत्र लिखा था।

- श्रीगोपाल बाहेती, पूर्व यूआईटी चेयरमैन

himanshu dhawal Reporting
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