RAS 2018 Interview: एसीबी की जांच रिपोर्ट पर टिका अभ्यर्थी का भविष्य

रिश्वत लेन-देन में उसकी संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण मिलने पर कार्मिक विभाग उसका चयन रद्द करने के अलावा राजस्थान लोक सेवा आयोग नियमानुसार उसे डिबार करेगा।

By: raktim tiwari

Published: 31 Jul 2021, 09:12 AM IST

अजमेर.

आरएएस 2018 में 70 अंक पाने के लिए रिश्वत देने वाले हरीश का भविष्य एसीबी की जांच रिपोर्ट तय करेगी। रिश्वत लेन-देन में उसकी संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण मिलने पर कार्मिक विभाग उसका चयन रद्द करने के अलावा राजस्थान लोक सेवा आयोग नियमानुसार उसे डिबार करेगा।

बाडमेर निवासी हरीश को साक्षात्कार में 70 से 75 अंक दिलाने के बदले मध्यस्थ को 20 लाख रुपए रिश्वत दी गई। एसीबी की जोधपुर यूनिट ने बाडमेर के रामनगर निवासी ठाकाराम सारण, भूरटिया निवासी प्राचार्य जोगाराम सारण और जोधपुर के बासनी तम्बोलिया निवासी किशनाराम को गिरफ्तार किया है। नहीं मिले मनमाफिक अंकहरीश और उसका चाचा ठाकाराम, जोगाराम और मध्यस्थ किशनाराम साक्षात्कार में 70 से 75 अंक दिलवाने की एवज में सौदेबाजी कर रहे थे। लेकिन हरीश को आरएएस 2018 में 166 वीं रैंक है। जबकि उसे साक्षात्कार में महज 54 अंक ही मिले हैं।

क्या कहते हैं आयोग के नियम...
सदस्य डॉ. शिवसिंह राठौड़ के अनुसार आयोग के एक्ट-नियमों में किसी अभ्यर्थी या उसके परिचित/रिश्तेदार के अध्यक्ष, सदस्य अथवा किसी अधिकारी-कर्मचारी से मुलाकात अथवा किसी अन्य माध्यम से प्रलोभन अथवा धमकी देने पर डिबार कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन यह प्रामाणिक होना चाहिए। अभ्यर्थी हरीश को आयोग की फुल प्रूफ साक्षात्कार व्यवस्था से इच्छित अंक नहीं मिल पाए। एसीबी की जांच रिपोर्ट में पुख्ता प्रमाण मिले तो आयोग का फुल कमीशन कार्रवाई का निर्धारण करेगा।

कार्मिक विभाग की कार्रवाई प्रक्रिया
आयोग ने आरएएस-2018 के साक्षात्कार में चयनित अभ्यर्थियों के नाम और सूची कार्मिक विभाग को पदस्थापन के लिए भिजवा दिए हैं। कार्मिक विभाग चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेजों, प्रमाण पत्रों की की पुख्ता जांच करेगा। इसके बाद अभ्यर्थियों का मेडिकल और पुलिस वेरिफेकेशन होगा। कोई आपराधिक मामला दर्ज होने, धोखाधड़ी जांच लम्बित रहने, सजायाफ्ता रहने पर अभ्यर्थी का चयन रद्द किया जाता है।

ना आरएएस ना आरपीएस में चयन
आरएएस 2018 में आरएएस के 79 और आरपीएस के 36 पद (कुल 116) पद हैं। हरीश को 166 वीं रैंक मिली है। साफतौर पर उसका चयन राजस्थान प्रशासनिक अथवा राजस्थान पुलिस सेवा में नहीं होगा। हालांकि उसे लेखा, बीमा, उद्योग, सहकारी और अन्य राज्य सेवा में नियुक्ति मिल सकती है।

कौन है घूसखोर का परिचित?
एसीबी के गिरफ्त में आया किशनाराम आरपीएससी में किस परिचित से डील कर रहा था, इसे भी आयोग को खंगालना जरूरी हो गया है। हालांकि किशनाराम ने जोगाराम से रुपए लेकर अपने पास ही रखे थे। आगे किसी को नहीं दिए थे। लेकिन उसने आयोग में किस स्तर पर 70 से 75 अंक दिलाने की बातचीत की, यह जांच का विषय है।

raktim tiwari Reporting
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