अजमेर जिला परिषद के सीईओ राठौड़ बोले : ग्राम पंचायत प्रजातंत्र की पहली सीढ़ी

अजमेर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राठौड़ ने केकड़ी व सरवाड़ में कार्यशाला को किया सम्बोधित, नवनिर्वाचित सरपंचों को ग्रामीण विकास के दिए निर्देश,सरकारी योजनाओं से पात्र लोगों को लाङ पहुंचाने पर जोर

By: suresh bharti

Updated: 20 Oct 2020, 12:36 AM IST

अजमेर/केकड़ी. जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रजातंत्र में ग्राम पंचायत पहली सीढ़ी है। असली भारत गांवों में बसता है। यदि ग्रामीण इलाके का विकास होगा। यहां के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा। कृषि, पशुपालन, डेयरी उधोग सहित अन्य कार्य मजबूत होंगे तो निश्चय ही भारत देश प्रगति पर बढ़ेगा।

विकास की इस अवधारणा को सरपंच समझे। केवल चुनाव जीतकर सरपंच बन जाना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि उसको अपनी जिम्मेदारियों का ज्ञान होना चाहिए। सरपंच ग्राम पंचायत का प्रथम नागरिक एवं मुखिया होता है। ग्राम विकास में सरपंच की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। राठौड़ सोमवार को पंचायत समिति के सभा भवन में केकड़ी पंचायत समिति क्षेत्र के नवनिर्वाचित सरपंचों के ओरियन्टेशन प्रोग्राम में बोल रहे थे।

ग्रामीण विकास की नई इबारत लिखना संभव

उन्होंने कहा कि सरकार की हर जनकल्याणकारी योजना का संचालन ग्राम पंचायत के माध्यम से होता है। सरपंच चाहे तो महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से ग्रामीण विकास की नई इबारत लिख सकता है। पट्टा जारी करने से पहले ग्रामसभा में प्रस्ताव रखा जाना चाहिए। अखबार में आपत्ति आमंत्रित करना जरूरी है।

ग्राम पंचायत क्षेत्र के एक तालाब को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जा सकता है। चरागाह को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहां छायादार पौधे लगाए जाने चाहिए। सार्वजनिक श्मशान स्थल व कब्रिस्तान के रास्ते में सड़क बनाई जाए। छाया के लिए टिनशेड आदि लगाए जाएं। स्कूल के खेल मैदान को विकसित किया जाए।


स्वच्छ भारत मिशन का दें बढ़ावा

राठौड़ ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से चलाई जाने वाली योजनाओं एवं स्वच्छ भारत मिशन के बारे में भी जानकारी दी। राठौड़ ने बताया कि दिव्यांगों का सर्वे चल रहा है। वास्तविक जरूरतमंद सरकार की लाभकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहे, इसके लिए सरपंच को विशेष कार्य करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध कार्य करने तथा सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इस दौरान उपखण्ड अधिकारी सुरेन्द्र सिंह पुरोहित एवं विकास अधिकारी कुशलेश्वर सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।


ग्रामीण विकास की अवधारणा को मजबूती जरूरी

सरवाड़. जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राठौड़ ने कहा कि नवनिर्वाचित सरपंचों को अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों के विकास के लिए ग्रामीणों की भावना के अनुरूप रोडमेप तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर विकास कराना होगा, तभी ग्रामीण विकास की अवधारणा को मजबूती मिलेगी। राठौड़ सोमवार को पंचायत समिति के सभागार में नवनिर्वाचित सरपंचों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

परंपरागत जल स्रोतों की सुध लेना होगा

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट के स्थाई निदान के लिए परंपरागत जल स्रोतों की सुध लेने व उनका विकास करने पर भी जोर दिया। राठौड़ ने सरपंचों को उनके अधिकारों एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं महात्मा गांधी नरेगा में एक गांव 04 काम, केटेगरी 4 व्यक्तिगत लाभार्थियों के कार्य आदि के बारे में जानकारी दी।

राठौड़ ने स्वच्छ भारत मिशन योजनान्तर्गत स्वीकृत सामुदायिक शौचालय शीघ्र पूर्ण कराने एवं खुले में शौच जाने वाले व्यक्तियों-परिवारों को निरन्तर समझाइश से शौचालय के उपयोग के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया।

ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना बनाएं

उन्होंने नवसृजित ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजने के निर्देश दिए। बैठक में ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना आदि के बारे में चर्चा की गई एवं ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की समस्त योजनाओं के सफ ल संचालन व क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।

बैठक में दिनेश कुमार जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, कार्यवाहक विकास अधिकारी गोविन्द सिंह राणावत, सहायक विकास अधिकारी रघुवीर सिंह व संजय कुमार तोषनीवाल एवं सरपंच रामदेव गुर्जर, रीतू जैन, सायरी देवी धाकड़, वंदना तोषनीवाल, रामफू ल मेघवंशी, भागचंद जाट, खुशबू धाकड़ आदि मौजूद रहे।

suresh bharti Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned